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सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति को कहा बेचारी: छत्तीसगढ़ के मंत्री केदार बोले- कान पकड़कर माफी मांगे कांग्रेसी
Fri, 31 Jan 2025 04:45 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 31 Jan 2025 04:45 PM IST
सार
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बेचारी कह अपमानित करने पर छत्तीसगढ़ में भाजपा ने आपत्ति जताई है।
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वन मंत्री केदार कश्यप
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बेचारी कह अपमानित करने पर छत्तीसगढ़ में भाजपा ने आपत्ति जताई है। राज्य के वन मंत्री केदार कश्यप ने इस मामले को लेकर कहा कि कांग्रेस में अगर थोड़ी भी शर्म बची है, तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दीपक बैज समेत तमाम नेता सोनिया की अभद्र भाषा के लिए कान पकड़कर माफी मांगें अन्यथा छत्तीसगढ़ की जनता उन्हें बहुत बड़ी सजा देगी। उन्होंने कहा कि कोई आदिवासी बेचारा नहीं, आदिवासियों ने इस देश के स्वाधीनता संग्राम में बलिदान दिया और आजादी से लेकर अब तक देश के विकास में उनका महती योगदान है।
उन्होंने इसे कांग्रेस की महिला शक्ति के प्रति कांग्रेस की निकृष्ट सोच और आदिवासी विरोधी राजनीतिक चरित्र का परिचायक बताया है। मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस में एक खानदान के लोग और उनकी चरण वंदना में लीन कांग्रेस के तमाम नेता जिस तरह की भाषा लगातार इस्तेमाल करके मातृशक्ति, जनजातीय समाज और अन्य सभी वर्गों को अपमानित कर रहे हैं, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने आज राष्ट्रपति मुर्मू के लिए बेचारी शब्द का जो उपयोग किया है, उसके लिए पूरा देश सोनिया गांधी की निंदा कर रहा है।
मंत्री कश्यप ने कहा कि सोनिया गांधी की यह भाषा बता रही है कि कांग्रेस वैचारिक रूप से कितनी कंगाल होती जा रही है! कांग्रेस का समूचा इतिहास आदिवासी समाज के प्रति नफरत से भरा पड़ा है और यह नफरत बार-बार जाहिर होती रही है। एक आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति बनी है, यह कांग्रेस को हजम ही नहीं हो रहा है और अब तो सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति मुर्मू को 'बेचारी' कहकर कांग्रेस की ओछी राजनीतिक संस्कृति का परिचय दे दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी आदिवासी बेचारा नहीं होता है। आदिवासियों ने इस देश की सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और हर एक प्रकार की संस्थाओं के विकास के साथ-साथ देश के 1857 के स्वाधीनता संग्राम से भी पहले से इस देश को विदेशी दासता से बचाने के लिए सशस्त्र क्रांति कर बलिदान दिया है और देश की आजादी से लेकर के अब देश के विकास में उनका महती योगदान है।
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प्रदेश के वन मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की परम्परा रही है कि वह आदिवासी समाज को हमेशा नीचा दिखाने का काम करती है। इससे पहले भी कांग्रेस के एक नेता ने राष्ट्रपति को राष्ट्रपत्नी कह दिया था और कांग्रेस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। उन्होंने कहा कि द्रोपदी मुर्मू के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ दौरे का विरोध करके भी कांग्रेस ने अपनी विकृत मानसिकता का प्रदर्शन किया था। मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस में अगर थोड़ी भी शर्म बची है, तो भूपेश बघेल, दीपक बैज समेत प्रदेश के तमाम कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की अभद्र भाषा के लिए कान पकड़कर माफी मांगें अन्यथा छत्तीसगढ़ की जनता उन्हें बहुत बड़ी सजा देगी।
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उन्होंने इसे कांग्रेस की महिला शक्ति के प्रति कांग्रेस की निकृष्ट सोच और आदिवासी विरोधी राजनीतिक चरित्र का परिचायक बताया है। मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस में एक खानदान के लोग और उनकी चरण वंदना में लीन कांग्रेस के तमाम नेता जिस तरह की भाषा लगातार इस्तेमाल करके मातृशक्ति, जनजातीय समाज और अन्य सभी वर्गों को अपमानित कर रहे हैं, वह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने आज राष्ट्रपति मुर्मू के लिए बेचारी शब्द का जो उपयोग किया है, उसके लिए पूरा देश सोनिया गांधी की निंदा कर रहा है।
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मंत्री कश्यप ने कहा कि सोनिया गांधी की यह भाषा बता रही है कि कांग्रेस वैचारिक रूप से कितनी कंगाल होती जा रही है! कांग्रेस का समूचा इतिहास आदिवासी समाज के प्रति नफरत से भरा पड़ा है और यह नफरत बार-बार जाहिर होती रही है। एक आदिवासी समाज की बेटी राष्ट्रपति बनी है, यह कांग्रेस को हजम ही नहीं हो रहा है और अब तो सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति मुर्मू को 'बेचारी' कहकर कांग्रेस की ओछी राजनीतिक संस्कृति का परिचय दे दिया है। उन्होंने कहा कि कोई भी आदिवासी बेचारा नहीं होता है। आदिवासियों ने इस देश की सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और हर एक प्रकार की संस्थाओं के विकास के साथ-साथ देश के 1857 के स्वाधीनता संग्राम से भी पहले से इस देश को विदेशी दासता से बचाने के लिए सशस्त्र क्रांति कर बलिदान दिया है और देश की आजादी से लेकर के अब देश के विकास में उनका महती योगदान है।
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प्रदेश के वन मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की परम्परा रही है कि वह आदिवासी समाज को हमेशा नीचा दिखाने का काम करती है। इससे पहले भी कांग्रेस के एक नेता ने राष्ट्रपति को राष्ट्रपत्नी कह दिया था और कांग्रेस ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। उन्होंने कहा कि द्रोपदी मुर्मू के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान छत्तीसगढ़ दौरे का विरोध करके भी कांग्रेस ने अपनी विकृत मानसिकता का प्रदर्शन किया था। मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस में अगर थोड़ी भी शर्म बची है, तो भूपेश बघेल, दीपक बैज समेत प्रदेश के तमाम कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की अभद्र भाषा के लिए कान पकड़कर माफी मांगें अन्यथा छत्तीसगढ़ की जनता उन्हें बहुत बड़ी सजा देगी।