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Korba: इस गांव में लोग सांप को मानते हैं भगवान, छह फीट लंबा कोबरा निकलने पर ग्रामीणों ने किया कुछ ऐसा
Thu, 18 Jan 2024 03:57 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 18 Jan 2024 03:57 PM IST
सार
कोरबा के कनकी गांव में लोगों सांप को भगवान मानकर उसकी पूजा करते हैं। गुरुवार को यहां एक छह फीट लंबा कोबरा निकला, जिसे देखर सभी ग्रामीण इकठ्ठा हो गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम को दी।
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कोबरा का रेस्क्यू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरबा के प्रसिद्ध कनकेश्वर धाम मंदिर की अपनी एक अलग ही मान्यता है। यहां भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग जमीन से निकला है। लोगों का मानना है कि यहां भगवान स्वयं विराजमान हैं। लोगों का यह भी मानना है कि दर्शन और जलाभिषेक से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही गांववालों का सापों के प्रति विशेष महत्व है। यहां लोगों को जब भी सांप दिखता है, लोग उसकी पूजा करते है और उसे प्रणाम कर भगाने में विश्वास रखते हैं।
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ऐसा ही कुछ गुरुवार की दोपहर को भी हुआ। यहां एक छह फीट का लंबा कोबरा सांप खेत से निकलकर छोटा नहर पार करते हुए सीधे घर में घूस गया। देखने वालों ने उसे खेत की तरफ वापस भगाने का प्रयास भी किया, लेकिन सांप सीधे दरवाजे के छेद से घर के अंदर चला गया।
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डरे-सहमे गांववालों ने उसको नुकसान पहुंचाए बगैर जंगल में छोड़ने की मनसा से इसकी जानकारी वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी। इस पर सारथी ने व्यस्त होने के कारण थोड़ी देर में पहुंचने की बात कही और आखिरकार दो घंटे के इंतजार के बाद जितेंद्र सारथी 26 किलोमीटर दूर कनकी गांव पहुंचे। फिर घंटो की कड़ी मेहनत के बाद कोबरा को बाहर निकाला और डिब्बे में बंद किया, ,तब जाकर गांववालों ने राहत भरी सांस ली।
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जितेंद्र सारथी ने गांववालों से पूछा कि सांप से डर नहीं लगता और मारते नहीं हो, तब गांववालों ने बताया, 'डर तो लगता है पर हमारे गांव में स्वयं भगवान भोलेनाथ विराजमान हैं तो भला उसके गले में बैठे सांप को हम कैसे मार सकते हैं। हम सांपो को मारते नहीं, बल्की उनकी रक्षा करते हैं।'