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Chhattisgarh: राजमिस्त्री की मौत के मामले में आया नया मोड़, परिजनों ने ठेकेदार पर लगाए गंभीर आरोप

Thu, 20 Jul 2023 01:55 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क,गौरेला पेण्ड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क,गौरेला पेण्ड्रा मरवाही Published by: अनुज कुमार Updated Thu, 20 Jul 2023 01:55 PM IST
सार

सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के चलते ही जल आवर्धन योजना के तहत निर्माण कार्य कर रहे राजमिस्त्री की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार ने उन्हें 20 हजार रुपये दिए, लेकिन शपथ पत्र में एक लाख पचास हजार रुपये दिखाए गए। 
 

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Relatives made disclosure in death of mason in Gorela Pendra Marwahi
मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर पंचायत पेण्ड्रा में चल रहे जल आवर्धन योजना के तहत हो रहे निर्माण कार्य में करेंट लगने से राजमिस्त्री को मौत हो गई थी। सुरक्षा उपाय की अनदेखी के चलते हुई राजमिस्त्री की मौत का मामला अब तूल पकड़ते जा रहा है। अब मृतक के परिजनों का कहना है कि ठेकेदार ने मृतक की पत्नी से शपथपत्र में आगे कोई भी कार्रवाई नहीं होने की बात कही और 20 हजार रुपये में समझौता कर लिया था। वहीं, इस मामले में पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जवाबदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रही है।
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मृतक के परिजनों ने बताया कि नगर पंचायत पेण्ड्रा में मुक्तिधाम के पास जल आवर्धन योजना के तहत निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान राड कटिंग कर रहे राजमिस्त्री संतराम यादव की करेंट लग गया। आनन फानन में आसपास के मजदूरों ने संतराम को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां पर डॉक्टरों ने संतराम को मृत घोषित कर दिया। मामले को दबाने के लिए ठेकेदार ने बिना पुलिस को जानकारी दिए ही संतराम केशव को उसके घर भेजने के लिए रवाना कर दिया, लेकिन पुलिस गौरेला के बांधामुडा गांव के पास से शव को वापस लेकर हॉस्पिटल पहुंची। यहां पंचनामा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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परिजनों का आरोप है कि जल आवर्धन का काम करवा रहे ठेकेदार के द्वारा मृतक की कम पढ़ी-लिखी पत्नी से समझौता करते हुए लापरवाही से मौत के मामले में शपथपत्र लिखवा लिया गया, जिसमें 20 हजार रुपये नगद देना बताया गया। साथ ही एक लाख तीस हजार रुपये का चैक के जरिये देना बताया गया। जब मृतक के परिजनों से पैसा दिए जाने को लेकर जानकारी ली गई तो पचा चला कि उन्हें सिर्फ 20 हजार रुपये ही मिले हैं। जबकि शपथ पत्र में ठेकेदार के द्वारा कुल एक लाख पचास हजार बताए गए। साथ ही शपथपत्र में यह भी लिखवाया गया कि 'दुर्घटना में किसी का कोई दोष नहीं होने और भविष्य में कोई दावा नहीं करने के समर्थन में निष्पादित कर रही हूं'.
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अब मामले में यादव समाज भी सामने आ गया है। सभी मामले की जांच और ठेकेदार से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की बात कह रहे हैं। मृतक संतराम अपने परिवार का एक अकेला कमाने वाला था, जिसकी मौत से अब घर मे आर्थिक रूप से परेशानी होने लगेगी। मृतक के 4 बच्चे हैं। पत्नी मानसिक रूप से कमजोर भी है। पुलिस अधीक्षक जीपीए योगेश पटेल ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद संबंधित जवाबदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
 
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