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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Rajim Kumbh Mela started devotees took a dip of faith in Triveni Sangam on Magh Purnima in Gariaband

Gariaband:राजिम कुंभ मेले का शुभारंभ, माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, पहुंचे विदेशी पर्यटक

Sat, 24 Feb 2024 01:28 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गरियाबंद
अमर उजाला नेटवर्क, गरियाबंद Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 24 Feb 2024 01:28 PM IST
सार

सरकार बदलने के साथ ही छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक धार्मिक नगरी राजिम कुंभ कल्प मेले का स्वरूप भी इस बार बदला हुआ है। छत्तीसगढ़ के प्रयागराज तीर्थ नगरी राजिम में इस वर्ष राजिम माघी पुन्नी मेला की जगह राजिम कुंभ कल्प मेला का आयोजन किया जा रहा है।

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Rajim Kumbh Mela started devotees took a dip of faith in Triveni Sangam on Magh Purnima in Gariaband
श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में लगाई आस्था की डुबकी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गरियाबंद में आस्था और अध्यात्म का पर्व माघ पूर्णिमा के पुण्य अवसर पर शनिवार की तड़के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुन्नी स्नान के पुण्य लाभ प्राप्त किया। इसी के साथ राजिम कुंभ कल्प मेला का भी शुभारंभ हो गया। आज माघ पूर्णिमा के अवसर पर अचंल सहित प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम पैरी सोढ़ूर और महानदी में तड़के सुबह से डुबकी लगाकर अपने आप को धन्य किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ श्री राजीव लोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव के मंदिर पहुंचकर दर्शन कर अपने परिवार की खुशहाली और सुख समृद्धि की कामना की।

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दोनों मंदिरों के अलावा श्रद्धालु लोमश ऋषि आश्रम, राजिम भक्तिन माता मंदिर, मामा-भांचा मंदिर, राजराजेश्वर, दानदानेश्वर, बाबागरीब नाथ महादेव के दर्शन किए। श्रद्धालु तीनों नदी, पैरी, सोढूर और महानदी की धार में डुबकी लगाने के बाद नदी के रेत में शिवलिंग बनाकर नारियल, बेल पत्ता, धतुरे का फूल, दूध चढ़ाकर पूजा अर्चना किया और नदी के धार में दीपदान किए। सूर्योदय के पूर्व पुन्नी स्नान का बड़ा महत्व है। दीप दान किए जाने का भी धार्मिक महत्व है, इसलिए नदी की धार में दीपदान कर श्रद्धालु सीधे श्री राजीव लोचन और भगवान श्री कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन के लिए लोग पहुंचे।

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आठ मार्च को होगा समापन

सरकार बदलने के साथ ही छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक धार्मिक नगरी राजिम कुंभ कल्प मेले का स्वरूप भी इस बार बदला हुआ है। छत्तीसगढ़ के प्रयागराज तीर्थ नगरी राजिम में इस वर्ष राजिम माघी पुन्नी मेला की जगह राजिम कुंभ कल्प मेला का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 24 फरवरी से 08 मार्च तक होगा। इसके अंतर्गत संत समागम का आयोजन 03 मार्च से 08 मार्च तक रहेगा। इस दौरान तीन पर्व स्नान 24 फरवरी माघ पूर्णिमा, 04 मार्च जानकी जयंती और 08 मार्च महाशिवरात्रि को होगा। 

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माघ पूर्णिमा के दिन भगवान श्री राजीव लोचन का जन्म दिवस है। इसके उपलक्ष्य में सदियों से राजिम के इस पावन भूमि में मेले भरते आ रहा है। भगवान का जन्मोत्सव मंदिर प्रांगण में बैंड-बाजे के साथ बहुत ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है। भगवान के पूजा के बाद नया लाल ध्वज मंदिर के कलश में चढ़ाया गया। माघ पूर्णिमा को लेकर भगवान श्री राजीव लोचन का मंदिर दमकने लगा है। बिजली की झालर और तेज लाइट की रोशनी से जगमगाने लगा है।


रामोत्सव की थीम पर होगी भव्य झांकी

मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के निर्देश पर राजिम कुंभ में इस बार रामोत्सव थीम पर भव्य झांकी तैयार की गई है। इसमें प्रभु श्रीराम के छत्तीसगढ़ में वनवास काल के दौरान पलों को झांकी के माध्यम से बताया जाएगा। झांकी के प्रदर्शन में लेजर लाइट और साउंड इफेक्ट का भी समावेश किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। लक्ष्मण झूले को भी एलईडी लाइट से सजाया गया है। राजिम कुंभ को भव्य स्वरूप देने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।


सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

मंदिर से लेकर पूरे मेला स्थल के चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। मंदिर में भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम हैं। श्री राजीव लोचन दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को कुलेश्वर महादेव के मंदिर तक नदी की रेत में चलकर जाना पड़ेगा। इस बार भी फर्सी पत्थर बिछाकर सड़क बनाई गई है।



पहुंचे विदेशी पर्यटक

विश्व प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ के प्रयागराज राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प मेले में पहले ही दिन पोलैण्ड से पर्यटक राजिम पहुंचे। पर्यटक जॉन और अनु ने नदीं क्षेत्र में कुंभ का आनंद लिया। चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि राजिम आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। यहां के लोगो एवं मेले की भव्य सजावट देखकर काफी प्रभावित हुए। कहा वे पहली बार राजिम कुंभ में आए हैं। उनका मुख्य उद्देश्य साधु-संतों से मिलने का था, लेकिन साधु संतों से नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी निराशा भी हुई। 







 

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