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Raipur News: विंग कमांडर सुसाइड केस, पत्नी पर प्रताड़ना और उकसाने का आरोप, एफआईआर दर्ज
Sat, 18 Apr 2026 07:03 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 18 Apr 2026 07:03 PM IST
सार
राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित विधायक कॉलोनी में वायुसेना के अधिकारी विंग कमांडर विपुल यादव की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है।
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विंग कमांडर सुसाइड केस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित विधायक कॉलोनी में वायुसेना के अधिकारी विंग कमांडर विपुल यादव की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी अर्जिता श्रीवास्तव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध दर्ज किया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह घटना 10 और 11 मार्च 2026 की दरम्यानी रात की है, जब 39 वर्षीय अधिकारी अपने सरकारी आवास में फंदे पर लटके मिले थे। घटना के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी ही बताया गया, जिसके बाद जांच को आगे बढ़ाया गया।
मृतक मूल रूप से वाराणसी के शहंशाहपुर क्षेत्र के निवासी थे और वर्तमान में रायपुर में पदस्थ थे। वे अपने परिवार के साथ विधायक विश्राम गृह परिसर में रह रहे थे।
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जांच के दौरान मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके पिता का कहना है कि वर्ष 2014 में हुए प्रेम विवाह के बाद से ही दांपत्य जीवन में लगातार तनाव बना हुआ था। आरोप है कि पत्नी द्वारा लगातार मानसिक दबाव और अपमानजनक व्यवहार के कारण विपुल लंबे समय से तनाव में थे।
परिजनों ने पुलिस को कुछ डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं, जिनमें कथित तौर पर मारपीट और विवाद के संकेत मिले हैं। साथ ही, बेंगलुरु में संपत्ति खरीदने को लेकर आर्थिक दबाव बनाए जाने और बड़ी रकम लेने के आरोप भी लगाए गए हैं।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि घटना से पहले अधिकारी ने अपनी पत्नी को कई बार फोन किया था, लेकिन कॉल का जवाब नहीं मिला। पुलिस का मानना है कि इससे उनकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ा हो सकता है।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह घटना 10 और 11 मार्च 2026 की दरम्यानी रात की है, जब 39 वर्षीय अधिकारी अपने सरकारी आवास में फंदे पर लटके मिले थे। घटना के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी ही बताया गया, जिसके बाद जांच को आगे बढ़ाया गया।
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मृतक मूल रूप से वाराणसी के शहंशाहपुर क्षेत्र के निवासी थे और वर्तमान में रायपुर में पदस्थ थे। वे अपने परिवार के साथ विधायक विश्राम गृह परिसर में रह रहे थे।
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जांच के दौरान मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके पिता का कहना है कि वर्ष 2014 में हुए प्रेम विवाह के बाद से ही दांपत्य जीवन में लगातार तनाव बना हुआ था। आरोप है कि पत्नी द्वारा लगातार मानसिक दबाव और अपमानजनक व्यवहार के कारण विपुल लंबे समय से तनाव में थे।
परिजनों ने पुलिस को कुछ डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं, जिनमें कथित तौर पर मारपीट और विवाद के संकेत मिले हैं। साथ ही, बेंगलुरु में संपत्ति खरीदने को लेकर आर्थिक दबाव बनाए जाने और बड़ी रकम लेने के आरोप भी लगाए गए हैं।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि घटना से पहले अधिकारी ने अपनी पत्नी को कई बार फोन किया था, लेकिन कॉल का जवाब नहीं मिला। पुलिस का मानना है कि इससे उनकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ा हो सकता है।