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Exclusive: खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव के पास पहुंची फोर्स, नक्सलियों के खात्मे के लिए खुले नए कैंप
Sat, 14 Dec 2024 07:19 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 14 Dec 2024 07:19 PM IST
सार
बस्तर के बीहड़ इलाके में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे के लिए सरकार का फोकस नक्सलियों के गढ़ में पुलिस सुरक्षा कैंप खोलने के लिए है।
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हिड़मा के गांव के पास पहुंची फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Police force In Naxalites Areas at CG: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की संकल्प के साथ बस्तर में पुलिस सुरक्षा बल तेजी से आगे बढ़ रही है।
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खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव से लगे पड़ोसी गांव में नया फोर्स कैंप खुला है। इस पूरे इलाके को सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस फोर्स के टारगेट पर खूंखार नक्सली कमांडर हिड़मा है। फोर्स हिड़मा को जमीन में दफनाने या उसे सरेंडर करने के लिए बस्तर में तेजी से आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में हिड़मा की गिरफ्तारी, एनकाउंटर या सरेंडर हो सकता है।
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बस्तर के बीहड़ इलाके में नक्सलियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे के लिए सरकार का फोकस नक्सलियों के गढ़ में पुलिस सुरक्षा कैंप खोलने के लिए है। बस्तर के उन सभी इलाकों में पुलिस सुरक्षा कैंप खोले जा रहे हैं, जहां नक्सलियों का कोर इलाका है। नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव में कैंप खोला गया था। अब इसके पड़ोसी गांव गोल्लाकुंडा को भी सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले रखा है। शनिवार को सुरक्षा बल ने यहां पहुंचकर कैंप खोला है। ऐसे में इन इलाकों में सुरक्षा बल के कैंप खुलने से नक्सलियों की कमर टूट रही है। नक्सली संगठन कमजोर हो रहे हैं। नक्सलवाद की जड़ें कमजोर हो रही हैं।
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इन इलाकों में सुरक्षा कैंप
बीजापुर जिले के बॉर्डर के गोल्लाकुंडा में कैंप खुलने से दोनों जिलों के इलाके अब सीधे एक दूसरे से जुड़ सकेंगे। यहां नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में और तेजी आएगी। इस इलाके में कैंप खुलने के दौरान सुकमा के एसपी किरण चव्हाण, सीआरपीएफ के डीआईजी आनन्द सिंह , सीआरपीएफ 165वीं बटालियन के कमांडेंट राकेश यादव भी मौजूद रहे।
2024 में सबसे ज्यादा खुले फोर्स कैंप
छत्तीसगढ़ और केंद्र में डबल इंजन की सरकार होने से बस्तर के कोर नक्सल इलाकों में वर्ष 2024 में सबसे ज़्यादा सुरक्षा बलों के कैंप खोले गए हैं। इस साल जिन गांवों में सुरक्षा बलों का कैंप खुला है, उनमें सुकमा के मुलेर,टेकलगुडेम, परिया, पूवर्ती, सलातोंग, लखापाल पुलनपाड़ शामिल हैं। इसके साथ ही दंतेवाड़ा के नेरली घाटी, कांकेर के पानीडोबरी, नारायणपुर के कस्तूरमेटा, इरकभट्टी, मसपुर, मोहंदी, बीजापुर के गुंडम, पुतकेल, छुटवही गांव भी शामिल हैं।