कांग्रेस जन अधिकार महारैली कल: पीसीसी चीफ बोले- भाजपा ने राजभवन में रुकवाया आरक्षण बिल, किस बात से असहमत
कांग्रेस का कहना है कि राज्य सरकार को सर्व समाज को आरक्षण देने का राजनैतिक रूप से श्रेय नहीं मिले इसलिए भाजपा राजभवन में आरक्षण बिल पर हस्ताक्षर नहीं होने दे रही है। रैली के बाद कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राजभवन जाकर बिल पर हस्ताक्षर करने ज्ञापन भी सौंपेगा।
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छत्तीसगढ़ में आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर हंगामा जारी है। अब कांग्रेस ने इसे लेकर सड़क पर उतरने की तैयारी कर ली है। इसके लिए मंगलवार को कांग्रेस जन अधिकार महारैली करने वाली है। रायपुर के साइंस कॉलेज से होने वाली इस रैली में कांग्रेस महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी कुमारी सेलजा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, प्रभारी सचिव चंदन यादव, मंत्री व विधायक सहित 70 से अधिक समाजों के लोग शामिल होंगे।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि, भाजपा और संघ के नेताओं ने सर्व समाज के आरक्षण को राजभवन में रुकवा दिया है। आरक्षण बढ़ाने संबंधी विधेयक जब कर्नाटक विधानसभा में पारित होता है, तब वहां पर राज्यपाल हस्ताक्षर करते हैं। जब वैसा ही आरक्षण विधेयक छत्तीसगढ़ विधानसभा और झारखंड विधानसभा में पारित किया जाता है तो राज्यपाल हस्ताक्षर नहीं करती हैं। कर्नाटक में भाजपा सरकार ने विधेयक बनाया तो श्रेय उन्हें मिलेगा, पर जहां कांग्रेस की सरकार है वहां विरोध कर रहे।
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मोहन मरकाम ने कहा कि, भाजपा आरक्षण विधेयक पर अपना मत स्पष्ट करे। वह आरक्षण संशोधन विधेयक के किस पहलू से असहमत है और क्यों हैं? भाजपा को आदिवासी समाज को दिए गए 32 फीसदी आरक्षण पर आपत्ति है या वह अन्य पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण से असहमत है? अनुसूचित जाति के लिए किए गए 13 प्रतिशत आरक्षण का विरोध कर रही है? या गरीब सवर्णों के 4 प्रतिशत आरक्षण के विरोध में है। उन्होंने कहा कि, भाजपा की नीयत आरक्षण पर शुरू से संदिग्ध है।