{"_id":"662ffa7f74168c99b807fe86","slug":"chhattisgarh-bachao-andolan-s-alok-shukla-to-be-receive-goldman-environmental-prize-2024-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के आलोक शुक्ला को गोल्डमैन एनवायर्नमेंटल पुरस्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के आलोक शुक्ला को गोल्डमैन एनवायर्नमेंटल पुरस्कार
Tue, 30 Apr 2024 01:22 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 30 Apr 2024 01:22 AM IST
सार
इस पुरस्कार को ग्रीन नोबल के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष यह पुरस्कार दुनियाभर से सात लोगों को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में दिया जाएगा। यह पुरस्कार दुनिया के छह महाद्वीपीय क्षेत्रों के जमीनी स्तर के पर्यावरण नायकों को दिया जाता है।
विज्ञापन
आलोक शुक्ला
- फोटो : X/T S Singhdeo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वन और आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता आलोक शुक्ला को प्रतिष्ठित ‘गोल्डमैन एनवायर्नमेंटल प्राइज-2024’ से नवाजा जाएगा। उन्हें यह प्राइज एक सामुदायिक अभियान का सफलतापूर्वक नेतृत्व करने के लिए दिया जा रहा है। इस अभियान से छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित 21 कोयला खदानों से 4,45,000 (4.45 लाख) एकड़ जंगलों को बचाया जा सका, जो जैव विविधता से समृद्ध हैं।
विज्ञापन
इस पुरस्कार को ग्रीन नोबल के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष यह पुरस्कार दुनियाभर से सात लोगों को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में दिया जाएगा। यह पुरस्कार दुनिया के छह महाद्वीपीय क्षेत्रों के जमीनी स्तर के पर्यावरण नायकों को दिया जाता है।
विज्ञापन
गोल्डमैन एनवायर्नमेंटल फाउंडेशन के एक बयान में उल्लेख किया गया है कि सरकार ने हसदेव अरण्य में 21 प्रस्तावित कोयला खदानों की नीलामी रद्द कर दी है, जिनके वनों को छत्तीसगढ़ के फेफड़े के रूप में जाना जाता है, यह भारत के सबसे बड़े वन क्षेत्रों में से एक हैं।
विज्ञापन