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Raipur: रायपुर मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में दो दिन अंधेरा, ढाई लाख का बिजली बिल बकाया होने से कटा कनेक्शन
Sat, 27 Jun 2026 05:01 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 27 Jun 2026 05:01 PM IST
सार
बिजली विभाग ने करीब 2.50 लाख रुपये का बकाया बिल जमा नहीं होने पर हॉस्टल का कनेक्शन काट दिया, जिससे लगभग 100 छात्र पिछले दो दिनों तक बिना बिजली के रहने को मजबूर रहे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अस्थायी छात्रावास में बिजली आपूर्ति ठप होने से एमबीबीएस छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग ने करीब 2.50 लाख रुपये का बकाया बिल जमा नहीं होने पर हॉस्टल का कनेक्शन काट दिया, जिससे लगभग 100 छात्र पिछले दो दिनों तक बिना बिजली के रहने को मजबूर रहे।
बिजली गुल होने का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं रहा। हॉस्टल में पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे छात्रों को पीने के पानी और दैनिक उपयोग की अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उमस और गर्मी के बीच बिजली नहीं होने से हालात और भी मुश्किल हो गए।
छात्रों के अनुसार, शुरुआत में उन्हें लगा कि यह सामान्य बिजली कटौती है, लेकिन जब कई घंटों तक सप्लाई बहाल नहीं हुई तो उन्होंने कॉलेज प्रशासन से जानकारी ली। इसके बाद पता चला कि बिजली बिल का भुगतान लंबित होने के कारण विद्युत विभाग ने कनेक्शन काट दिया है।
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गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज का स्थायी छात्रावास अभी तक तैयार नहीं हो सका है। करीब तीन साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन काम अब भी अधूरा है। इसी वजह से पिछले वर्ष छात्रों के आंदोलन के बाद शांति नगर स्थित एक निजी भवन को किराए पर लेकर अस्थायी हॉस्टल बनाया गया, जहां वर्तमान में प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक के करीब 100 छात्र रह रहे हैं।
कॉलेज प्रबंधन ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि अवकाश के कारण भवन मालिक समय पर बिजली बिल जमा नहीं कर सके थे। अनुबंधित छात्रावास वार्डन डॉ. प्रशांत जायसवाल के अनुसार, बकाया राशि जमा कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर सभी सुविधाएं सामान्य कर दी जाएंगी। प्रशासन ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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बिजली गुल होने का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं रहा। हॉस्टल में पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे छात्रों को पीने के पानी और दैनिक उपयोग की अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उमस और गर्मी के बीच बिजली नहीं होने से हालात और भी मुश्किल हो गए।
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छात्रों के अनुसार, शुरुआत में उन्हें लगा कि यह सामान्य बिजली कटौती है, लेकिन जब कई घंटों तक सप्लाई बहाल नहीं हुई तो उन्होंने कॉलेज प्रशासन से जानकारी ली। इसके बाद पता चला कि बिजली बिल का भुगतान लंबित होने के कारण विद्युत विभाग ने कनेक्शन काट दिया है।
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गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज का स्थायी छात्रावास अभी तक तैयार नहीं हो सका है। करीब तीन साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन काम अब भी अधूरा है। इसी वजह से पिछले वर्ष छात्रों के आंदोलन के बाद शांति नगर स्थित एक निजी भवन को किराए पर लेकर अस्थायी हॉस्टल बनाया गया, जहां वर्तमान में प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक के करीब 100 छात्र रह रहे हैं।
कॉलेज प्रबंधन ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि अवकाश के कारण भवन मालिक समय पर बिजली बिल जमा नहीं कर सके थे। अनुबंधित छात्रावास वार्डन डॉ. प्रशांत जायसवाल के अनुसार, बकाया राशि जमा कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर सभी सुविधाएं सामान्य कर दी जाएंगी। प्रशासन ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।