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Raigarh: अतिक्रमित भूमि में आबकारी विभाग ने कर दिया लाखों का किराया भुगतान, भू स्वामी को जारी किया नोटिस
Fri, 05 May 2023 02:50 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 05 May 2023 02:50 PM IST
सार
आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भू-स्वामी को सीमांकन प्रतिवेदन व भूमि से संबंधित दस्तावेज मांगा गया है। अगर अतिक्रमित जमीन मिली तो संबंधित भू-स्वामी को दिया गया किराया राशि रिकवरी करने का काम किया जाएगा।
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Raigarh News
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वन भूमि में अतिक्रमण कर सरकारी शराब दुकान के लिए किराए में दे दिया गया। विभाग व गठित कमेटी ने बिना जांच पड़ताल के अतिक्रमित भूमि में सरकारी शराब दुकान का संचालन के लिए अनुबंध कर लिया गया। और विभाग ने लाखों रुपए का किराया के रूप में दे दिया।
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कुछ दिनों पूर्व निगम के गार्डन के लिए बड़े रामपुर में प्रस्तावित भूमि को लेकर जब एनओसी की मांग की तो राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर सीमांकन करने के लिए पहुंचे। बड़े रामपुर में प्रस्तावित स्थल का सीमांकन किया गया तो पता चला कि उस पर अतिक्रमण हो गया है और उसमें सरकारी शराब दुकान संचालित हो रहा है। पहनं 23 में जब उक्त भूमि की पड़ताल की गई तो रिकार्ड में छोटे झाड़ का जंगल होना पाया गया जिसके बाद इसके आवंटन के लिए प्रक्रिया करते हुए सभी विभाग को एनओसी के लिए लिखा गया। मौके पर 150 वर्गफीट में अतिक्रमण मिला जिसमें सरकारी शराब दुकान संचालित हो रहा है। शराब दुकान संचालक को दुकान हटाने के लिए नोटिस दिया जिसके बाद आबकारी विभाग ने भू-स्वामी को नोटिस जारी कर दस्तावेजों की मांग की है। अब इसमें आबकारी विभाग के नोटिस पर भू-स्वामी फिर से सीमांकन कराकर प्रतिवेदन विभाग को जमा करेगा।
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नियमानुसार कहीं भी शराब दुकान के संचालन के लिए पांच से सात विभाग के प्रतिनिधियों की कमेटी बनती है। उनके पास पूरा दस्तावेज पेश किया जाता है। इसमें राजस्व विभाग के प्रतिनिधि भी रहते हैं। शुरूआत में कमेटी कैसे सत्यापन किया गया है इसको लेकर अब सवाल उठ रहा है।
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लाखों रुपए कर दिया भुगतान
जिसके बाद इस मामले को खंगाला गया तो पता चला कि आबकारी विभाग के अधिकारियो ने वर्ष 2017 से 32 हजार 670 रुपए के हिसाब से अब तक किसी शिव अग्रवाल व्यापारी को 23 लाख 84 हजार 910 रुपए प्रदाय कर दिया है। बताया जाता है कि 2017 के पूर्व यहां सिर्फ देशी शराब दुकान संचालित था 2017 के बाद देशी व अंग्रेजी दोनो शराब दुकान का संचालन होना शुरू हो गया। इस हिसाब से शुरूआत से किराया की गणना की जाए तो और अधिक होगा।
गलत मिला तो होगी रिकवरी
आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भू-स्वामी को सीमांकन प्रतिवेदन व भूमि से संबंधित दस्तावेज मांगा गया है। अगर अतिक्रमित जमीन मिली तो संबंधित भू-स्वामी को दिया गया किराया राशि रिकवरी करने का काम किया जाएगा।