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‘डायल 112’ बनी संजीवनी: गर्भवती को कंधे पर लादकर तीन किलोमीटर चले, नाले के किनारे महिला ने बच्चे को दिया जन्म
Sun, 14 Jul 2024 08:48 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 14 Jul 2024 08:48 AM IST
सार
सड़कें खराब होने के कारण वाहन का गांव तक पहुंचना मुमकिन नहीं था। प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को डायल 112 की टीम ने लाठियों के बीच एक टोकरी बनाकर महिला के बैठने का इंतेजाम किया। महिला को कंधे पर लादकर तीन किलोमीटर तक पैदल चलकर वाहन तक पहुंचाया।
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Raigarh News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में आज भी कई गांव ऐसे हैं जहां पहुंचने वाले मार्ग दुर्गम होने की वजह से उस क्षेत्र के लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि सरकारी योजनाओं के लाभ से भी गांव के ग्रामीण वंचित हो जाते हैं। ऐसा ही कुछ नजारा शनिवार की दोपहर देखने को मिला।
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सड़कें खराब होने के कारण वाहन का गांव तक पहुंचना मुमकिन नहीं था। प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को डायल 112 की टीम ने लाठियों के बीच एक टोकरी बनाकर महिला के बैठने का इंतेजाम किया। महिला को कंधे पर लादकर तीन किलोमीटर तक पैदल चलकर वाहन तक पहुंचाया। जिसे देखकर अब हर कोई डायल 112 टीम की तारीफ करते नही थक रहा है।
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जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम घुटरू पारा जो कि पहाड़ के ऊपर में स्थित है। शनिवार की सुबह यहां रहने वाली गर्भवती महिला सुष्मिता को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने बिना समय गवाएं डायल 112 में जानकारी देकर मदद मांगी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 112 के आरक्षक विपिन किशोर खलखो एवं चालक छोटू दास महंत मौके के लिए रवाना हुए। गांव तक गाड़ी नहीं पहुंच पाने की वजह से डायल 112 की टीम वाहन को नीचे में ही खड़े कर तीन किलोमीटर तक का पैदल सफर तय करते हुए गर्भवती महिला तक पहुंचे और फिर महिला को लाठियों के जरिए कंधे पर लादकर वाहन तक लाया गया।
नाले के किनारे महिला ने बच्चे को दिया जन्म
प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को नजदीकी अस्पताल ले जाया जा रहा था। लेकिन प्रसव पीड़ा अधिक बढ़ जाने की वजह से वाहन को रास्ते मे ही रोककर नाला किनारे एक पेड़ के नीचे महिला का प्रसव कराया गया। जिसके बाद महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमरगा लाया गया। जहां जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।