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Raigarh: जीजा ने अपनी जगह साले को भेजा परीक्षा देने, पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार
Wed, 02 Apr 2025 07:44 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 02 Apr 2025 07:44 PM IST
सार
रायगढ़ जिले में बॉलीवुड की चर्चित फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस की तर्ज पर दसवीं की ओपन परीक्षा में अपनी जगह अपने साले को परीक्षा में भेजने का मामला सामने आया है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी जीजा साले को धोखाधड़ी के अपराध में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायगढ़ जिले में बॉलीवुड की चर्चित फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस की तर्ज पर दसवीं की ओपन परीक्षा में अपनी जगह अपने साले को परीक्षा में भेजने का मामला सामने आया है। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी जीजा साले को धोखाधड़ी के अपराध में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुसौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम झलमला में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 1 अप्रैल की सुबह 9 बजे से 12 बजे तक कक्षा 10वीं की विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित थी।
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परीक्षा कक्ष क्रमांक 01 में पर्यवेक्षक जब उपस्थिति पत्रक की जांच कर रहे थे, तभी उन्हें एक परीक्षार्थी पर शक हुआ। जब प्रवेश पत्र में लगी फोटो और परीक्षा दे रहे युवक के चेहरे का मिलान किया गया, तो स्पष्ट हो गया कि दोनों अलग-अलग लोग हैं। जिसके बाद परीक्षा केंद्र के प्राचार्य कामता नाथ तिवारी ने पुसौर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने खुद को अमन सारथी (18), पिता पंचराम सारथी, निवासी सराईपाली, थाना कोतरारोड, जिला रायगढ़ बताया। जब जांच आगे बढ़ी, तो पता चला कि अमन असल परीक्षार्थी नहीं है, बल्कि वह अपने जीजा यादराम सारथी (27) की जगह परीक्षा देने आया था।
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साले को प्रलोभन देकर अपनी जगह भेजा
धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद पुलिस जब असली परीक्षार्थी यादराम सारथी को पकड़ने उसके घर पहुंची तब वह गायब मिला। परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस जब धरमजयगढ़ पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि पास होनें के लिये वह अपने साले को प्रलोभन देकर अपनी जगह भेजा था।
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प्राचार्य की शिकायत के बाद हुआ एफआईआर
पुलिस ने प्राचार्य की शिकायत के बाद अमन सारथी और यादराम सारथी के खिलाफ धारा- 318 (4), 319 (2), 61 (2), 3 (5) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया। इसके अलावा, जांच में छत्तीसगढ़ मान्यता प्राप्त परीक्षा अधिनियम 1937 की धारा 04 भी जोड़ी गई, जो परीक्षा में धोखाधड़ी और प्रतिरूपण से जुड़ी गड़बड़ियों पर लागू होती है। पुलिस ने इस मामले में शिक्षा अधिकारी का आदेश पत्र, परीक्षा का टाइम टेबल, परीक्षार्थी उपस्थिति पत्र, आरोपी की उत्तर पुस्तिका और मोबाइल से ली गई तस्वीरें जब्त कर ली हैं।
जेल भेजे गए दोनों आरोपी
इस मामले में पुलिस ने पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद दोनों आरोपियों यादराम सारथी और अमन सारथी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। परीक्षा में पास होने के लिए किया गया यह मुन्ना भाई स्टाइल फर्जीवाड़ा जीजा-साले के लिए महंगा साबित हुआ। प्रशासन व पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।