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सरकारी नौकरी के नाम पर ठगा: फरार मुख्य आरोपी को कोरबा से दबोचा, लाखों की ठगी का खुलासा

Tue, 14 Jul 2026 04:22 PM IST
रायगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़ Published by: रायगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 14 Jul 2026 04:22 PM IST
सार

रायगढ़ में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी हुई। इस मामले में पुलिस ने मुख्य फरार आरोपी विनोद कुमार राठौर को कोरबा से पकड़ा है। इस प्रकरण में पहले एक महिला और एक पुरुष भी गिरफ्तार किए गए थे।

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Accused who promised a job as a postmaster arrested in Korba
डाकपाल की नौकरी दिलाने वाला आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को पुलिस ने कोरबा से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरोपी फर्जी अंकसूची देकर लोगों को झांसा देता था।

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जुलाई 2023 में भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण डाक सेवकों की ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया शुरू की। सक्ती के नरेन्द्र कुमार और जांजगीर चांपा की सोनम साहू ने 10वीं की फर्जी अंकसूची प्रस्तुत की। इसके आधार पर उनका चयन रायगढ़ डाक संभाग में डाकपाल पद पर हुआ। नियुक्ति से पहले दस्तावेज के सत्यापन में तमिलनाडु बोर्ड ने अंकसूचियों को फर्जी बताया। 
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अधीक्षक डाकघर रायगढ़ की शिकायत पर कोतवाली थाना में अपराध दर्ज हुआ। पुलिस ने फरवरी में नरेन्द्र और सोनम को हिरासत में लिया। उन्होंने बताया कि कोरबा निवासी विनोद कुमार राठौर ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर तीन से साढ़े तीन लाख रुपये मांगे थे। नरेन्द्र ने 3.50 लाख रुपये दिए, जबकि सोनम ने नियुक्ति के बाद भुगतान की सहमति दी। विनोद ने उन्हें फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराई थीं।
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फर्जीवाड़े का खुलासा 
दस्तावेज सत्यापन में फर्जीवाड़ा सामने आने पर दोनों की नियुक्ति निरस्त कर दी गई। पुलिस ने नरेन्द्र और सोनम से फर्जी अंकसूचियां और उनके वास्तविक शैक्षणिक दस्तावेज जब्त कर उन्हें गिरफ्तार किया। मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार राठौर घटना के बाद से फरार था। पुलिस को जानकारी मिली कि 2013 में उसे नकली नोट प्रकरण में 10 साल की सजा हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से धोखाधड़ी में सक्रिय हो गया था।


मुख्य आरोपी की धरपकड़
रायगढ़ में अपने साथियों के खिलाफ अपराध दर्ज होने के बाद विनोद लगातार स्थान बदलकर पुलिस से बच रहा था। पुलिस को सूचना मिलने पर कोतवाली टीम तत्काल कोरबा पहुंची। योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए 47 वर्षीय विनोद कुमार राठौर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने फर्जी अंकसूचियां उपलब्ध कराकर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया और न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

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