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Chhattisgarh: पांच दिन बाद बोरवेल से निकला राहुल तो भर आया पिता का दिल, बोले- वे बचावकर्मी नहीं, मेरे भगवान जगन्नाथ
Fri, 17 Jun 2022 03:59 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, रायपुर
पीटीआई, रायपुर
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 17 Jun 2022 03:59 AM IST
सार
राहुल के पिता रामकुमार साहू ने कहा कि हम मानते हैं कि भगवान जगन्नाथ ने मेरे बेटे को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ बचाव दल भेजा था।
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राहुल साहु
- फोटो : Social media
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में 69 फीट गहरे बोरवेल में गिरे राहुल साहू को 104 घंटे तक लगातार चले ऑपरेशन के बाद बचाया गया था। राहुल के पिता ने गुरुवार को कहा कि जिन बचानवकर्मी ने मेरे बेटे को बचाया मैं उनमें भगवान जगन्नाथ देखता हूं। क्योंकि मेरे बेटे का बचना भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद के बिना संभव नहीं था।
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11 साल के राहुल साहू को स्नान पूर्णिमा के दिन मंगलवार को भगवान जगन्नाथ के स्नान की रस्म के दौरान बोरवेल से बचाया गया था। राहुल के पिता रामकुमार साहू ने ओडिशा के पत्रकारों के एक समूह को बताया कि हम मानते हैं कि भगवान जगन्नाथ ने मेरे बेटे को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ बचाव दल भेजा था।
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उन्होंने एक घटना को याद करते हुए बताया कि राहुल कई साल पहले पुरी की पारिवारिक यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए लापता हो गया था। बाद में वह भगवान जगन्नाथ के मंदिर के एक द्वार के पास मिला था।
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पिता ने कटक से रेस्क्यू टीम खासकर एनडीआरएफ को धन्यवाद देते हुए कहा, मैं उनमें भगवान जगन्नाथ को देखता हूं। उन्होंने खाना छोड़ दिया और राहुल को बचाने के लिए रातों की नींद हराम कर दी। उनके प्रयासों से ही मेरा बेटा मौत के मुंह से निकला है।
रामकुमार साहू ने कहा कि राहुल के ठीक होने के बाद फिर से पुरी जाएंगे, अभी राहुल का छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सुरंग में लंबे समय तक रहने के कारण लड़के को संक्रमण हो गया था। पिता ने कहा कि उसे और सात दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा।