{"_id":"6967410010a2e99d3800c0d3","slug":"preparations-to-develop-raipur-as-a-metro-city-chief-minister-sai-said-special-focus-on-infrastructure-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी: मुख्यमंत्री साय बोले- अधोसंरचना पर विशेष फोकस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रायपुर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी: मुख्यमंत्री साय बोले- अधोसंरचना पर विशेष फोकस
Wed, 14 Jan 2026 12:40 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 14 Jan 2026 12:40 PM IST
सार
ख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि रायपुर के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित व नागरिक-अनुकूल राजधानी के रूप में तैयार किया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार राजधानी रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि रायपुर के विकास में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित व नागरिक-अनुकूल राजधानी के रूप में तैयार किया जाएगा। उन्होंने यह बात मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के कारण राजधानी में यातायात, आवास, पेयजल और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर ठोस एवं व्यावहारिक योजनाएं बनाकर काम करने की जरूरत है, ताकि आने वाले दशकों की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके।
बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए पहले की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे राजधानी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विकास कार्यों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने नगर निगम, रेलवे और लोक निर्माण विभाग को बेहतर आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि विकास योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिख सके।
विज्ञापन
समीक्षा बैठक में शहर की ड्रेनेज व्यवस्था, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिक्रमण, नगर निगम द्वारा निर्मित व्यवसायिक परिसरों में खाली दुकानों के पुनर्विक्रय, स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने और मेकाहारा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के उन्नयन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, जल शोधन संयंत्र, सीवरेज नेटवर्क, खेल मैदानों के संरक्षण और झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड बिजली लाइनें, नए सड़क मार्ग, फ्लाईओवर, सार्वजनिक भवनों और स्टेडियमों के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जरूरी प्रस्ताव जल्द से जल्द मुख्य सचिव कार्यालय को भेजे जाएं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं।
इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कौशल उन्नयन मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकास शील, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण के कारण राजधानी में यातायात, आवास, पेयजल और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर ठोस एवं व्यावहारिक योजनाएं बनाकर काम करने की जरूरत है, ताकि आने वाले दशकों की जरूरतों को भी पूरा किया जा सके।
विज्ञापन
बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए पहले की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इससे राजधानी क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध विकास कार्यों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने नगर निगम, रेलवे और लोक निर्माण विभाग को बेहतर आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि विकास योजनाओं का असर जमीनी स्तर पर दिख सके।
विज्ञापन
समीक्षा बैठक में शहर की ड्रेनेज व्यवस्था, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिक्रमण, नगर निगम द्वारा निर्मित व्यवसायिक परिसरों में खाली दुकानों के पुनर्विक्रय, स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने और मेकाहारा मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के उन्नयन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, जल शोधन संयंत्र, सीवरेज नेटवर्क, खेल मैदानों के संरक्षण और झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड बिजली लाइनें, नए सड़क मार्ग, फ्लाईओवर, सार्वजनिक भवनों और स्टेडियमों के निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जरूरी प्रस्ताव जल्द से जल्द मुख्य सचिव कार्यालय को भेजे जाएं और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं।
इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कौशल उन्नयन मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, मुख्य सचिव विकास शील, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।