{"_id":"6633bf0741d97b99380d030b","slug":"police-recovered-leopard-skin-and-an-air-gun-in-raigarh-2024-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raigarh: वन विभाग और सिटी कोतवाली पुलिस ने की छापेमारी, मकान में मिली में तेंदुए की खाल और एयरगन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raigarh: वन विभाग और सिटी कोतवाली पुलिस ने की छापेमारी, मकान में मिली में तेंदुए की खाल और एयरगन
Thu, 02 May 2024 09:58 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 02 May 2024 09:58 PM IST
सार
रायगढ़ जिले में वन विभाग और सिटी कोतवाली पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान तेंदुए की खाल और एक एयरगन बरामद की है। इस मामले में वन विभाग की टीम आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
विज्ञापन
तेंदुए की खाल और एयरगन बरामद
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला मुख्यालय में गुरुवार की दोपहर वन विभाग और सिटी कोतवाली की टीम ने सत्तीगुड़ी चौक के पास स्थित एक मकान में कार्रवाई करते हुए तेंदुए की खाल के अलावा एक एयरगन बरामद की है। इस मामले में वन विभाग की टीम आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली कि सत्तीगुड़ी चौक निवासी आकाश वर्मा के घर पर बाघ की खाल मौजूद है। सूचना मिलने पर वन विभाग और कोतवाली पुलिस की टीम सर्च वारंट जारी कर मौके पर पहुंची। जहां टीम के पहुंचने से पहले ही आकाश वर्मा घर से फरार हो गया था। इसके बाद उसके परिजनों की सहमति से टीम ने घर की तलाशी शुरू की तो घर के अंदर बाथरूम के ऊपर के एक सेक्शन पर कार्टून के अंदर तेंदुए की खाल मिली। प्रारंभिक जांच के दौरान खाल की लंबाई करीबनपांच फीट बताई गई है।
बताया जा रहा है कि तेंदुए का शिकार कुछ दिनों पहले ही किया गया है। चूंकि तेंदुए की खाल पूरी तरीके से सूखा नहीं है। जांच के दौरान अभी यह खुलासा नहीं हो पाया है कि तेंदुए की खाल को कहां से लाया गया है और कहां इसका शिकार किया गया और कहां इसको भेजा जाना था। वन विभाग मामले की जांच में जुटी हुई है। आकाश वर्मा के पूछताछ के बाद ही इस पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।
विज्ञापन
गुरुवार की दोपहर वन विभाग की टीम ने शहर के मध्य स्थित एक मकान में छापामार कार्रवाई करते हुए एक मकान से जो तेंदुए की खाल बरामद की है। वह कब की है और कितने दिन पुरानी है इस बात की जांच के लिये खाल को फारेसिंक टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। इस संबंध में रायगढ़ रेंज की रेंजर लीला पटेल ने बताया कि आकाश वर्मा के नाम से सर्च वारंट जारी हुआ था। मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि यहां तेंदुआ या फिर टाइगर की खाल है। इसके बाद सत्तीगुड़ी चौक के पास स्थित उनके घर में सर्च वारंट के तहत तलाशी ली, जहां तेंदुए की साबूत खाल मिली। इसके अलावा एक एयर पिस्टल मिला है। इस मामले में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार गुरुवार को वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली कि सत्तीगुड़ी चौक निवासी आकाश वर्मा के घर पर बाघ की खाल मौजूद है। सूचना मिलने पर वन विभाग और कोतवाली पुलिस की टीम सर्च वारंट जारी कर मौके पर पहुंची। जहां टीम के पहुंचने से पहले ही आकाश वर्मा घर से फरार हो गया था। इसके बाद उसके परिजनों की सहमति से टीम ने घर की तलाशी शुरू की तो घर के अंदर बाथरूम के ऊपर के एक सेक्शन पर कार्टून के अंदर तेंदुए की खाल मिली। प्रारंभिक जांच के दौरान खाल की लंबाई करीबनपांच फीट बताई गई है।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि तेंदुए का शिकार कुछ दिनों पहले ही किया गया है। चूंकि तेंदुए की खाल पूरी तरीके से सूखा नहीं है। जांच के दौरान अभी यह खुलासा नहीं हो पाया है कि तेंदुए की खाल को कहां से लाया गया है और कहां इसका शिकार किया गया और कहां इसको भेजा जाना था। वन विभाग मामले की जांच में जुटी हुई है। आकाश वर्मा के पूछताछ के बाद ही इस पूरे मामले का खुलासा हो सकता है।
विज्ञापन
गुरुवार की दोपहर वन विभाग की टीम ने शहर के मध्य स्थित एक मकान में छापामार कार्रवाई करते हुए एक मकान से जो तेंदुए की खाल बरामद की है। वह कब की है और कितने दिन पुरानी है इस बात की जांच के लिये खाल को फारेसिंक टेस्ट के लिए भेजा जाएगा। इस संबंध में रायगढ़ रेंज की रेंजर लीला पटेल ने बताया कि आकाश वर्मा के नाम से सर्च वारंट जारी हुआ था। मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि यहां तेंदुआ या फिर टाइगर की खाल है। इसके बाद सत्तीगुड़ी चौक के पास स्थित उनके घर में सर्च वारंट के तहत तलाशी ली, जहां तेंदुए की साबूत खाल मिली। इसके अलावा एक एयर पिस्टल मिला है। इस मामले में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की जाएगी।