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'एक जग की कीमत 32 हजार, 51 लाख रुपये में 160 जग की खरीदी': कांग्रेस ने सरकार को घेरा, तो बीजेपी ने किया खंडन

Tue, 15 Jul 2025 08:49 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Tue, 15 Jul 2025 08:49 PM IST
सार

CG Politics On Jug:छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बलौदाबाजार जिले में आदिवासी छात्रावासों के लिए जेम पोर्टल के जरिये 51 लाख रुपये में 160 स्टील जग खरीदने का आरोप लगाया है।

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One jug costs 32 thousand rupees, Congress Blame on government, BJP denied
पीसीसी चीफ दीपक बैज, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

CG Politics On Jug:छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बलौदाबाजार जिले में आदिवासी छात्रावासों के लिए जेम पोर्टल के जरिये 51 लाख रुपये में 160 स्टील जग खरीदने का आरोप लगाया है। मामले में कांग्रेस बीजेपी की विष्णुदेव साय सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस ने इसे “भ्रष्टाचार का चरम” बताया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर बीजेपी ने इसका खंडन किया है। 

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कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि 'यह वर्ल्ड कप नहीं, विष्णुदेव का ‘स्टील जग’ है। एक स्टील के जग की कीमत 32,000 रुपये और 160 नग की खरीदी 51,00,000 रुपये है। बेशर्मों ने आदिवासी बच्चों के पैसे को भी नहीं छोड़ा।”
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दूसरे ट्वीट में लिखा है कि 'यह स्टील का जग है या सोने का ? आदिवासी बच्चों के मग्गे में भी जनजातीय सीएम का कमिशन, एक जग की कीमत 32 हजार, 160 नग की खरीदी 51 लाख में..पियो पानी ..!!

तीसरे ट्वीट में लिखा कि एक स्टील जग- 32,500 रुपए का , 160 स्टील जग- 52 लाख रुपए के.हम मजाक नहीं कर रहे- ये घपलेबाजी छत्तीसगढ़ में BJP सरकार ने की है। BJP ने दलितों-आदिवासियों के विकास के बजट को भीनहीं छोड़ा और अपनी सुविधा के लिए उनके पैसों में आग लगा दी। BJP सरकार जहां - भ्रष्टाचार वहां।




कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अच्छा है, छात्रावास आदिवासियों का है, मुख्यमंत्री भी आदिवासी हैं। अब सरकार का तो भगवान ही मालिक है। 32 हजार रुपये में एक जग खरीदा जा रहा है क्या यह कोई जादुई जग है? सोने या तांबे का जग है ? इसलिए हम कह रहे हैं कि इस सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। जिम्मेदार कौन है? पूरे प्रदेश के आदिवासी छात्रावासों की जांच होनी चाहिए।



दूसरी ओर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सूरजदास मानिकपुरी का कहना है कि तत्कालीन सहायक आयुक्त संजय कुर्रे ने जिले के छात्रावासों के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से 160 नग वाटर जग खरीदी के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन दर अधिक होने के कारण विभाग ने प्रस्ताव फरवरी 2025 में ही निरस्त कर दिया है। इससे स्पष्ट है कि आदिवासी विकास विकास विभाग बलौदाबाजार ने वाटर जग क़ी खरीदी नहीं क़ी गई है। उन्होंने वाटर जग खरीदी मामले में सोशल मीडिया में प्रसारित सामग्री क़ो भ्रामक और असत्य बताया है।

वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस के "₹32,000 में एक जग की खरीदी" संबंधी भ्रामक पोस्ट का खंडन करते हुए कहा कि भ्रष्टाचारी कांग्रेस को अब केवल झूठ का सहारा लेना पड़ रहा है। घोटालों की सरताज कांग्रेस के हर झूठ का पर्दाफाश करेंगे ।
 
प्रस्तावित खरीदी रद्द 
बलौदाबाजार जिले के आदिवासी विकास विभाग द्वारा छात्रावास के लिये वाटर जग की जो खरीदी प्रस्तावित थी, उसे 23 फरवरी 2025 को ही जेम पोर्टल पर निरस्त कर दिया गया है। 


कोई भुगतान नहीं हुआ
32,499.50 रुपये प्रति जग की दर से 160 नग की कुल संभावित राशि ₹51 लाख की कोई भी भुगतान या आपूर्ति नहीं हुई है।

यह केवल एक तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा था
जेम पोर्टल पर उत्पाद चयन एक प्रारंभिक प्रक्रिया है। इसके बाद मूल्य और गुणवत्ता का मूल्यांकन, अनुमोदन और अंतिम स्वीकृति की बहुस्तरीय प्रक्रिया होती है, जिसमें यह प्रस्ताव रद्द कर दिया गया।

शासन के जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी के स्पष्ट दिशा-निर्देश
सभी विभागीय खरीदी जेम पोर्टल के माध्यम से और भंडार क्रय नियमों के अनुसार ही की जाती है। मूल्य, गुणवत्ता, और आवश्यकता की जांच के बाद ही अंतिम स्वीकृति दी जाती है।

आदिवासी बच्चों के अधिकार सुरक्षित 
छात्रों के हितों से जुड़ी कोई भी योजना या संसाधन की खरीदी बिना औचित्य के स्वीकृत नहीं होती। यह सुनिश्चित किया जाता है कि हर रुपए का सही उपयोग हो।

भ्रामक पोस्ट जनता को गुमराह करने का प्रयास 
बिना पूरी जानकारी के एक प्रस्तावित (और रद्द हो चुकी) खरीदी को आधार बनाकर झूठे दावे करना, जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है और निंदनीय है।

प्रशासन पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध
शासन एवं प्रशासन जेम पोर्टल जैसे पारदर्शी प्लेटफॉर्म के माध्यम से हर प्रक्रिया को सार्वजनिक एवं सत्यापन योग्य बनाता है। इस मामले में भी पारदर्शिता बरती गई है और तत्काल निरस्तीकरण किया गया।

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