{"_id":"65d9e1ddd939d715270144f5","slug":"nsg-and-police-conducted-mock-drill-to-deal-with-terrorist-attack-in-raipur-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raipur News: रायपुर में आतंकी हमला हुआ तो ऐसे लड़ेगी फोर्स; एनएसजी और पुलिस ने किया मॉक ड्रिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raipur News: रायपुर में आतंकी हमला हुआ तो ऐसे लड़ेगी फोर्स; एनएसजी और पुलिस ने किया मॉक ड्रिल
Sat, 24 Feb 2024 06:02 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 24 Feb 2024 06:02 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आतंकी हमला होने और होस्टेज सिचुएशन से निपटने के लिए राज्य पुलिस और नेशनल सिक्योरिटी गॉर्ड (एनएसजी) ने मॉक ड्रिल किया। यह 21 फरवरी से 23 फरवरी तक काउंटर टेररिज्म अभ्यास किया गया।
विज्ञापन
एनएसजी और पुलिस ने किया मॉक ड्रिल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आतंकी हमला होने और होस्टेज सिचुएशन से निपटने के लिए राज्य पुलिस और नेशनल सिक्योरिटी गॉर्ड (एनएसजी) ने मॉक ड्रिल किया। यह 21 फरवरी से 23 फरवरी तक काउंटर टेररिज्म अभ्यास किया गया। यह अभ्यास नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस, मंत्रालय भवन और तेलीबांधा स्थित मैग्नेटो मॉल में किया गया।
इस दौरान मुंबई और दिल्ली के 150 से अधिक एनएसजी ब्लैक कैट कमांडो ने हिस्सा लिया। राज्य की ओर से रायपुर पुलिस के 200 से अधिक अधिकारी, जवान और स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ की दो टीमों ने हिस्सा लिया।
छत्तीसगढ़ में इससे पहले इस तरह का अभ्यास साल 2017 में किया गया था। मॉकड्रील का उद्देश्य राज्य में आतंकवादी घटना होने पर राज्य की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और एनएसजी कमांडों के मध्य समन्वय स्थापित करना। इसके साथ ही भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप क्षमता का विस्तार करना है। अभ्यास के बाद डिब्रिफिंग मीटिंग कर आवश्यक फीडबैक साझा किए गए और भविष्य की तैयारियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान मुंबई और दिल्ली के 150 से अधिक एनएसजी ब्लैक कैट कमांडो ने हिस्सा लिया। राज्य की ओर से रायपुर पुलिस के 200 से अधिक अधिकारी, जवान और स्पेशल टास्क फोर्स एसटीएफ की दो टीमों ने हिस्सा लिया।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ में इससे पहले इस तरह का अभ्यास साल 2017 में किया गया था। मॉकड्रील का उद्देश्य राज्य में आतंकवादी घटना होने पर राज्य की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और एनएसजी कमांडों के मध्य समन्वय स्थापित करना। इसके साथ ही भविष्य की सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप क्षमता का विस्तार करना है। अभ्यास के बाद डिब्रिफिंग मीटिंग कर आवश्यक फीडबैक साझा किए गए और भविष्य की तैयारियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
विज्ञापन