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छत्तीसगढ़: निलंबित एडीजी जीपी सिंह मफलर से चेहरा छिपाकर गए जेल, पुलिस वालों ने मीडिया को बात करने से रोका

Wed, 19 Jan 2022 08:20 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 19 Jan 2022 08:20 AM IST
सार

Judicial Custody Chhattisgarh News GP Singh: निलंबित ADG जीपी सिंह को कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए 14 दिनों के लिए न्यायिक रिमांड में भेज दिया। वहीं छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार कोई आईपीएस अधिकारी 14 दिनों की न्यायिक रिमांड में भेजा गया है। 

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No Bail Granted to GP Singh 14 Days judicial remand given by Raipur court
वरिष्ठ आईपीएस जीपी सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

GP Singh Judicial Custody: छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और निलंबित एडीजी जीपी सिंह को मंगलवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब रायपुर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। जीपी सिंह पर आय से अधिक संपत्ति और राजद्रोह का मुकदमा चल रहा था। मंगलवार की शाम उन्हें अदालत में पेश किया गया था। करीब 1.5 घंटे तक चली जिरह के बाद न्यायधीश लीना अग्रवाल ने फैसला सुरक्षित रख लिया। इसके बाद दो घंटे तक कोर्ट कैंपस में जीपी सिंह अपने फैसले का इंतजार करते रहे। जज ने उन्हें कोर्ट रूम से बाहर इंतजार करने को कहा। शाम के लगभग 5.30 बजे जज ने फैसला सुनाते हुए कहा कि जीपी सिंह को 14 दिन के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जाता है।

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मफलर से चेहरा छिपाकर गए जेल
कोर्ट परिसर से जैसे ही जीपी सिंह निकले मीडिया वालों ने उन्हें घेर लिया। फिर क्या था जीपी सिंह को आनन फानन में गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद भी जब मीडिया वाले फोटो लेने की कोशिश करने लगे तब जीपी सिंह ने गाड़ी के कांच पर मफलर लगाने के लिए कह दिया और पुलिस के जवान ने ऐसा किया भी। इसके बाद जीपी सिंह चेहरा छुपाकर जैसे-तैसे कोर्ट से जेल के लिए रवाना हुए। 
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लोहे की जालियां लगाकर पुलिस वालों ने मीडिया को रोका
पुलिस को इस बात की आशंका थी कि जीपी सिंह कहीं मीडिया से बातचीत करके कोई बयान ना दे दें। पिछली पेशी के दौरान जीपी सिंह ने मीडिया में बयान देकर खुद को फंसाए जाने की बात कही थी। इस किरकिरी से बचने के लिए कोर्ट में खासतौर पर बैरिकेडिंग की गई थी।

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