Mungeli: जाको राखे साइयां मार सके न कोय, नवजात को मरने के लिए बाड़ी में छोड़ा, जानिए फिर क्या हुआ
दरअसल सुबह-सुबह बच्चे के रोने की आवाज सुनकर राम गोपाल साहू ने बाड़ी में जाकर तो नवजात बच्चा बिना कपड़ों के पड़ा था जिसे देख वो आवाक रहे गये। राम गोपाल ने इसकी सूचना लोरमी पुलिस को दी।
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कहते हैं 'जाको राखे साइयां मार सके न कोय' ये लाइन चरितार्थ हुई है उस नन्हें नवजात बच्चे के लिए जिसे एक कलयुगी मां ने गांव की बाड़ी में मरने के लिए छोड़ दिया। यह पूरा मामला मुंगेली के लोरमी थाना क्षेत्र के झझपुरी कला का है।
दरअसल सुबह-सुबह बच्चे के रोने की आवाज सुनकर राम गोपाल साहू ने बाड़ी में जाकर तो नवजात बच्चा बिना कपड़ों के पड़ा था जिसे देख वो आवाक रहे गये। राम गोपाल ने इसकी सूचना लोरमी पुलिस को दी। वहीं मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात को अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसका उपचार जारी है।
वहीं गांव के लोगों को आशंका है की कोई अवैध संबंध में हुए बच्चे को लोकलाज के डर से मरने के लिए छोड़ कर चला गया होगा। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।