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छत्तीसगढ़: ई-चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने वाहन कंपनियों के साथ बैठक, ई-वाहनों की खरीद और उपयोग को मिल रहा बढ़ावा
Thu, 07 Aug 2025 04:19 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 07 Aug 2025 04:19 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य में ई-चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
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ई-चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने वाहन कंपनियों के साथ बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य में ई-चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों के साथ बैठक आयोजित की गई। मंत्रालय महानदी भवन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने की। इसमें प्रदेश में कार्यरत प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों के प्रतिनिधियों और विक्रेताओं ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य था कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में अधिक से अधिक चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएं और वाहन कंपनियों की भागीदारी से चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में 1.49 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं और करीब 290 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 50% स्टेशन रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में हैं, जबकि शेष अन्य जिलों में। जिन जिलों में चार्जिंग स्टेशन कम हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर नई यूनिट्स की स्थापना की जा रही है।
राज्य सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल पंपों और वाहन विक्रेताओं से सहयोग ले रही है। चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले हितधारकों को सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। राज्य में 600 से अधिक ई-वाहन डीलर्स पंजीकृत हैं। इनसे कहा गया है कि वे अपने शोरूम और विक्रय स्थलों पर अनिवार्य रूप से चार्जिंग पॉइंट स्थापित करें, ताकि ग्राहकों को सुविधाजनक चार्जिंग विकल्प मिल सकें।
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वित्तीय वर्ष 2024-25 में 12,617 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जो राज्य की ई-वाहन नीति में निर्धारित लक्ष्यों से अधिक है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में ई-वाहनों के प्रति आम जनता की रुचि लगातार बढ़ रही है। हालांकि, चार्जिंग स्टेशनों की सीमित उपलब्धता अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। बैठक में मौजूद कंपनियों ने बताया कि वे मोबाइल ऐप के जरिए अपने ग्राहकों को नजदीकी चार्जिंग पॉइंट की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। साथ ही, उन्होंने चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के लिए कई सुझाव भी दिए।
बैठक में परिवहन विभाग के अपर आयुक्त डी. रविशंकर प्रसाद, संयुक्त परिवहन आयुक्त यू. बी. एस. चौहान, उप परिवहन आयुक्त मनोज ध्रुव सहित अन्य अधिकारी और इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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बैठक का उद्देश्य था कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में अधिक से अधिक चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएं और वाहन कंपनियों की भागीदारी से चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ में 1.49 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं और करीब 290 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 50% स्टेशन रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जिलों में हैं, जबकि शेष अन्य जिलों में। जिन जिलों में चार्जिंग स्टेशन कम हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर नई यूनिट्स की स्थापना की जा रही है।
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राज्य सरकार चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल पंपों और वाहन विक्रेताओं से सहयोग ले रही है। चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने वाले हितधारकों को सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। राज्य में 600 से अधिक ई-वाहन डीलर्स पंजीकृत हैं। इनसे कहा गया है कि वे अपने शोरूम और विक्रय स्थलों पर अनिवार्य रूप से चार्जिंग पॉइंट स्थापित करें, ताकि ग्राहकों को सुविधाजनक चार्जिंग विकल्प मिल सकें।
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वित्तीय वर्ष 2024-25 में 12,617 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जो राज्य की ई-वाहन नीति में निर्धारित लक्ष्यों से अधिक है। यह दर्शाता है कि प्रदेश में ई-वाहनों के प्रति आम जनता की रुचि लगातार बढ़ रही है। हालांकि, चार्जिंग स्टेशनों की सीमित उपलब्धता अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। बैठक में मौजूद कंपनियों ने बताया कि वे मोबाइल ऐप के जरिए अपने ग्राहकों को नजदीकी चार्जिंग पॉइंट की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। साथ ही, उन्होंने चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के लिए कई सुझाव भी दिए।
बैठक में परिवहन विभाग के अपर आयुक्त डी. रविशंकर प्रसाद, संयुक्त परिवहन आयुक्त यू. बी. एस. चौहान, उप परिवहन आयुक्त मनोज ध्रुव सहित अन्य अधिकारी और इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।