फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   MBBS intern doctors to boycott OPD from September 21st, threaten to shut down emergency services as well

छत्तीसगढ़: 21 सितंबर से ओपीडी का बहिष्कार करेंगे एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर,इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की चेतावनी

Thu, 17 Sep 2026 09:28 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 17 Sep 2026 09:28 PM IST
सार

एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टर 17 सूत्री मांगों को लेकर 21 सितंबर से ओपीडी बहिष्कार करेंगे। मांगें पूरी नहीं होने पर 23 सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी है।

विज्ञापन
MBBS intern doctors to boycott OPD from September 21st, threaten to shut down emergency services as well
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ में एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी 17 सूत्री मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। चिकित्सकों ने 21 सितंबर से ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार की घोषणा की है। साथ ही, इमरजेंसी सेवाएं भी बंद करने की चेतावनी दी है। डॉक्टरों ने अपनी मांगों को स्पष्ट करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के नाम आवेदन भी सौंपा है।
विज्ञापन


जूनियर डॉक्टरों के अनुसार, उनकी प्रमुख मांगों में स्टाइपेंड, वेतन में संशोधन और चिकित्सा सेवाओं तथा चिकित्सकों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दे शामिल हैं। राज्य के जूनियर डॉक्टरों ने 17 सूत्री मांगों को लेकर पहले भी सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी थी। हालांकि, इसके बाद भी उनकी मांगों को अब तक पूरा नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन


डॉक्टरों ने बताया कि एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड के विषय में 19 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया था। स्वास्थ्य मंत्री ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर संदेश भी जारी किया था, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हो सकी है। उस समय मीडिया रिपोर्टों में 25 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड देने और 1 सितंबर से बढ़ी हुई राशि मिलने की बात कही गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


केवल आश्वासन, मांगें अधूरी
डॉ राधेश्याम ने बताया कि सरकार से मिले आश्वासन के बाद भी अब तक कोई ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है। इस कारण पूरे प्रदेश के चिकित्सकों में गहरा असंतोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में 21 सितंबर से ओपीडी बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही चिकित्सकों ने 23 सितंबर से आपातकालीन सेवाएं भी पूरी तरह बंद करने का एलान किया है। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि इससे पहले भी कई दिनों तक आंदोलन करने पर उन्हें केवल आश्वासन ही दिया गया था, लेकिन कोई मांग पूरी नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed