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Chhattisgarh: मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मनोज ने बदली व्यवसाय की दिशा, बढ़ा व्यवसाय-बढ़ी आमदनी
Sat, 28 Jun 2025 05:20 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 28 Jun 2025 05:20 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से संचालित मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और उद्यमशील नागरिकों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना है।
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मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मनोज ने बदली व्यवसाय की दिशा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से संचालित मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और उद्यमशील नागरिकों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में छोटे-मझोले उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करना, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हों और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिले। योजना के अंतर्गत पात्र आवेदकों को निर्धारित परियोजना लागत पर अनुदान और बैंकों के माध्यम से ऋण की सुविधा प्रदान की जाती है। इसी योजना के अंतर्गत महासमुन्द जिले के बसना विकासखंड के ग्राम सराईपाली निवासी मनोज कुमार यादव ने योजना का लाभ लेकर अपने छोटे कम्प्यूटर कार्य केंद्र (च्वाइस सेंटर) को विस्तार देने का कार्य किया। पूर्व में सीमित संसाधनों के साथ संचालित यह व्यवसाय मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के सहयोग से एक सफल स्वरोजगार इकाई में परिवर्तित हुआ है।
मनोज यादव का पहले से एक छोटा-सा च्वाइस सेंटर था, जिसे वे लंबे समय से चला रहे थे। वे अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते थे, परंतु आर्थिक संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती थी। इसी बीच उन्हें ग्रामोद्योग विभाग, जिला पंचायत महासमुन्द द्वारा संचालित मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली। मनोज ने इस योजना के अंतर्गत आवेदन किया और एक लाख रुपए की लागत पर परियोजना स्वीकृत हुई। इसमें से उन्हें 35 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ और शेष राशि का ऋण उन्होंने बैंक से प्राप्त किया। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपने कम्प्यूटर सेंटर का विस्तार किया, आवश्यक उपकरण खरीदे और सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाया। उन्होंने बताया कि इस योजना से मिले ऋण और अनुदान से न केवल उनका व्यवसाय बड़ा हुआ बल्कि उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने समय पर ऋण की किश्तें चुकाते हुए बैंक का पूरा ऋण अदा कर दिया है। आज वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य लोगों को भी डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
मनोज छत्तीसगढ़ शासन के इस अभिनव कार्यक्रम के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहते हैं कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। मैं शासन का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिसने मेरे जैसे सामान्य व्यक्ति को खुद का व्यवसाय खड़ा करने में सहायता की। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाएं युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही हैं, जो राज्य के समग्र विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं।
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मनोज यादव का पहले से एक छोटा-सा च्वाइस सेंटर था, जिसे वे लंबे समय से चला रहे थे। वे अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते थे, परंतु आर्थिक संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती थी। इसी बीच उन्हें ग्रामोद्योग विभाग, जिला पंचायत महासमुन्द द्वारा संचालित मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली। मनोज ने इस योजना के अंतर्गत आवेदन किया और एक लाख रुपए की लागत पर परियोजना स्वीकृत हुई। इसमें से उन्हें 35 प्रतिशत अनुदान प्राप्त हुआ और शेष राशि का ऋण उन्होंने बैंक से प्राप्त किया। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपने कम्प्यूटर सेंटर का विस्तार किया, आवश्यक उपकरण खरीदे और सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाया। उन्होंने बताया कि इस योजना से मिले ऋण और अनुदान से न केवल उनका व्यवसाय बड़ा हुआ बल्कि उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने समय पर ऋण की किश्तें चुकाते हुए बैंक का पूरा ऋण अदा कर दिया है। आज वे न केवल अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य लोगों को भी डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
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मनोज छत्तीसगढ़ शासन के इस अभिनव कार्यक्रम के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहते हैं कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मुझे आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। मैं शासन का दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिसने मेरे जैसे सामान्य व्यक्ति को खुद का व्यवसाय खड़ा करने में सहायता की। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम जैसी योजनाएं युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम बन रही हैं, जो राज्य के समग्र विकास में सहायक सिद्ध हो रही हैं।
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