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पिता के हत्यारे को उम्रकैद: कुदाली से सिर पर किया वारकर ली जान, कमर में तार से पत्थर बांध फेंका था नदी में
Sat, 04 Mar 2023 09:59 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेमेतरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेमेतरा
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Sat, 04 Mar 2023 09:59 PM IST
सार
पुलिस ने संदेह के आधार पर हिरासत में लिया और पूछताछ की। पहले तो वह इनकार करता रहा। फिर पिता की हत्या की बात स्वीकार ली। पुलिस को दौवाराम ने बताया कि उसके पिता गिरधारी सोनकर उसे और उसकी मां को खर्चे के लिए पैसे नहीं देता था। इसके बाद उसने पिता के सिर पर कुदाली से हमला कर हत्या कर दी।
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जिला एवं सत्र न्यायालय बेमेतरा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में कोर्ट ने एक युवक को उसके पिता की हत्या मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। युवक ने रुपये नहीं देने पर अपने पिता के सिर पर कुदाली से वारकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव की कमर में तार से बांधकर उसे नदी में फेंक दिया था। जांच के बाद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में करीब एक साल बाद फैसला आया है। मामले की सुनवाई प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय में हुई। कोर्ट ने युवक पर डेढ़ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक, सूरज मिश्रा ने पैरवी की।
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अभियुक्त दौवाराम ने अगस्त 2022 में थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसके पिता गिरधारी सोनकर की मृत्यु हो गई है। दौवाराम ने पुलिस को बताया कि उसके पिता 5 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे रोज की तरह सुरही नदी किनारे अपने खेत पर गए थे। वह एक घंटे बाद पिता को खाना देने पहुंचा। वहां उसके पिता ने दौवाराम से कहा कि लकड़ी बेची है, उसके रुपये लेने के लिए रमेश कौशल के पास ग्राम बरगड़ा जाएंगे। इस पर उसने पिता को सौ रुपये दिए, लेकिन उसके बाद से उसके पिता नहीं लौटे।
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इसके बाद वह गांव के ही गौकरण, मेघराम सोनकर के साथ शाम को खेत के आस-पास पिता को तलाश करने पहुंचा, लेकिन उनका पता नहीं चला। इस पर अगले दिन फिर सुबह गांव के दीपक सोनकर और गौकरण सोनकर, दीपक के साथ पिता गिरधारी को तलाश करने निकला। उसके पिता का शव खेत से लगे सुरही नदी के किनारे पानी में पड़ा मिला। गांव के लोगों ने शव को बाहर निकाला तो पता चला कि सिर पर चोट लगी थी। उनकी कमर में सफेद रंग का बिजली का तार पत्थर से बंधा था। किसी ने उसके पिता की हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया था।
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इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो शक की सुई गिरधारी के बेटे दौवाराम के ऊपर ही घूम गई। पुलिस ने संदेह के आधार पर हिरासत में लिया और पूछताछ की। पहले तो वह इनकार करता रहा। फिर पिता की हत्या की बात स्वीकार ली। पुलिस को दौवाराम ने बताया कि उसके पिता गिरधारी सोनकर उसे और उसकी मां को खर्चे के लिए पैसे नहीं देता था। इसके बाद उसने पिता के सिर पर कुदाली से हमला कर हत्या कर दी। फिर साक्ष्य छिपाने के लिए कमर में सर्विस वायर से पत्थर बांधकर सुरही नदी के पास फेंक दिया।