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Korba: स्टेयरिंग रॉड टूटते ही सड़क पर सरपट भागने लगी संजीवनी, वाहन में मरीजों की थमी सांसे, टला बड़ा हादसा

Sun, 17 Mar 2024 02:49 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 17 Mar 2024 02:49 PM IST
सार

शासन ने मरीजों को घर से अस्पताल पहुंचाने संजीवनी एक्सप्रेस की सेवा शुरू की है। इस जरूरी सेवा को ही संजीवनी की जरूरत है। इसका खुलासा उस वक्त हुआ, जब मरीज को लेकर अस्पताल जाते समय छोटी सी चढ़ाई में एम्बुलेंस का स्टेयरिंग रॉड टूटकर अलग हो गया।

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Sanjeevani started galloping on the road as soon as the steering rod broke in Korba
संजीवनी वाहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरबा में स्टेयरिंग रॉड टूटते ही संजीवनी वाहन सड़क पर सरपट भागने लगी, जिससे मरीजों में हड़कंप मच गया।  किसी तरह चालक ने वाहन पर काबू पाया। नजारा देख लोगों की सांसे थम गई थी, मरीजों को अन्य वाहन से अस्पताल शिफ्ट किया गया तब जा कर मरीज और परिजनों ने राहत की सांस ली।

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शासन ने मरीजों को घर से अस्पताल पहुंचाने संजीवनी एक्सप्रेस की सेवा शुरू की है। इस जरूरी सेवा को ही संजीवनी की जरूरत है। इसका खुलासा उस वक्त हुआ, जब मरीज को लेकर अस्पताल जाते समय छोटी सी चढ़ाई में एम्बुलेंस का स्टेयरिंग रॉड टूटकर अलग हो गया। मरीज को एक अन्य एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल शिफ्ट किया गया। सुखद पहलू तो यह है कि मरीज के साथ किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई।
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दरअसल रामपुर बस्ती में एक परिवार निवास करता है। इस परिवार में बुजुर्ग महिला की तबीयत बीते कुछ दिनों से ठीक नहीं थी । उसे अस्पताल ले जाने परिजनों ने 108 डॉयल कर सूचना दी। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर ईएमटी टिकेश्वर के साथ पायलट नरेश कुमार संजीवनी एक्सप्रेस क्रमांक सीजी 04 एनसी 7389 को लेकर रवाना हो गए।

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यह  वाक्या तानसेन चौक से बालकों की ओर जाने वाली मार्ग में रामपुर शराब दुकान के समीप घटित हुई 18 घंटे तक खड़ी रही एम्बुलेंस जानकारों की मानें तो संजीवनी एक्सप्रेस की मेंटेनेंस के लिए एक नामी गिरामी कंपनी से अनुबंध किया गया है। प्रबंधन की ओर से एम्बुलेंस में खराबी आने पर कंपनी को सूचना दी जाती है। बालको मार्ग में घटित घटना के बाद भी मरम्मत के लिए सूचना तो दी गई, लेकिन कर्मचारी नही पहुंचे, जिससे करीब 18 घंटे तक एम्बुलेंस मुख्यमार्ग के किनारे ब्रेक डाउन हालत में खड़ी रही।


दरअसल संजीवनी एक्सप्रेस का खराब होना कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी कई बार सामने आ चुकी है जिसके चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ चुका है। समय-समय पर मेंटेनेंस के लिए संजीवनी वहां के संबंधित अधिकारियों को और कर्मचारियों को ध्यान देने की जरूरत है ताकि इस तरह की घटना दोबारा ना हो सके।

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