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कोरबा: टॉर्चर से आहत विवाहिता ने खाया जहर, झोलाझाप से कराते रहे इलाज, मां ने मेडिकल कॉलेज में कराया भर्ती, मौत

Tue, 05 Aug 2025 08:27 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 05 Aug 2025 08:27 PM IST
सार

कोरबा में दीपका थानांतर्गत ग्राम झाबर में ईश्वर सिंह सिंद्राम निवास करता है। उसके पुत्र लक्ष्मीनारायण सिंद्राम का विवाह वर्ष 2016 में सामाजिक रीति रिवाज से कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम लारीपारा निवासी वंदना आर्मो से हुआ था।

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Married woman hurt by torture consumed poison quacks kept treating her in Korba
शिकायत दर्ज कराते परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरबा में दीपका थानांतर्गत ग्राम झाबर में ईश्वर सिंह सिंद्राम निवास करता है। उसके पुत्र लक्ष्मीनारायण सिंद्राम का विवाह वर्ष 2016 में सामाजिक रीति रिवाज से कटघोरा थाना क्षेत्र के ग्राम लारीपारा निवासी वंदना आर्मो से हुआ था। लक्ष्मीनारायण की पत्नी वंदना की तबीयत ठीक नही थी। उसे एक अगस्त को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल दाखिल कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी होने पर मृतिका के भाई दिलभरत आर्मो सहित अन्य परिजन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होनें पति लक्ष्मीनारायण, ससुर ईश्वर व सास तथा ननंद पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। 

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मृतिका के भाई दिलभरत ने बताया कि उसकी बहन एमए की पढ़ाई की थी। उसके दो बच्चे भी है। उसे सास, ससुर, पति और ननद द्वारा आए दिन मारपीट की जाती थी। उनकी मारपीट से हताश होकर वंदना ने जहरीली दवा का सेवन कर लिया। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे दो दिन तक उल्टी और दस्त हो रहा था। ससुरालियों ने पुलिस कार्रवाई से बचने उसे इलाज के लिए निजी अथवा सरकारी अस्पताल ले जाना मुनासिब नही समझा। वे झोला छाप डॉक्टर से इलाज कर रहे थे। घटना की जानकारी गांव में ही रहने वाली रिश्तेदार ने दी। जब मां देखने पहुंची तो वंदना की हालत गंभीर हो चुकी थी। उसने मां से मारपीट के कारण जहर खा लेने की बात कही। उसे मां ने ही इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल कराया, जहां उसकी मौत हो गई। दिलभरत का कहना है कि यदि तबीयत बिगड़ने पर इलाज के लिए ले जाते या फिर हमें सूचना दी जाती तो संभवत: वंदना की जान बच सकती थी। 
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मृतिका के भाई दिलभरत ने बताया कि पति, सास और ससुर विवाह के बाद से ही वंदना को प्रताड़ित करते आ रहे थे। वह एक दिन सब ठीक हो जाने की उम्मीद से धैर्य रख ससुराल में रह रही थी। जब प्रताड़ना बर्दाश्त से बाहर हुआ तो वर्ष 2021 में मायके आ गई। करीब एक साल बाद लक्ष्मीनारायण की उपस्थिति में सामाजिक बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद वंदना पति के साथ ससुराल आई थी, लेकिन पुन: उसे प्रताड़ित किया जाने लगा था। मृतिका के पति लक्ष्मी नारायण का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं है कि उसकी पत्नी ने जहर सेवन किया था उल्टी दस्त होने पर गांव में ही डॉक्टर ईलाज कराया गया।प्रताड़ना का आरोप गलत है। जिला अस्पताल चौकी प्रभारी दाऊद कुजुर ने बताया कि परिजनों का बयान दर्ज किया गया है आगे की जांच की जा रहा है।

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