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52 हाथियों के दल से गांव में दहशत: स्कूल-हॉस्टल खाली, ग्रामीण छत पर सोने को मजबूर, किसानों के फसल बर्बाद
Sun, 11 Oct 2026 12:49 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2026 12:49 PM IST
सार
तेलियामार में हाथियों की मौजूदगी से दहशत का माहौल है। तीन दिन पहले हाथियों ने दीपक मिशन स्कूल के हॉस्टल की दीवार तोड़ दी, जिसके बाद बच्चों को छुट्टी देकर घर भेजना पड़ा। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण अपने घर और खेत बचाने के लिए रातभर पहरा दे रहे हैं।
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हाथियों का झुंड से दहशत,बच्चों का स्कूल हॉस्टल खाली,ग्रामीण छत पर सोने को मजबूर
विस्तार
कोरबा जिले के कटघोरा वन मंडल के पसान क्षेत्र में 52 हाथियों के दल की मौजूदगी से ग्रामीणों में भारी दहशत है। हाथियों का खौफ अब बच्चों की पढ़ाई से लेकर ग्रामीणों की रातों की नींद तक छीन रहा है। हाथी तेलियामार के आसपास विचरण कर रहे हैं, जिसमें एक दंतैल हाथी अलग घूम रहा है जो सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है।
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए तेलियामार के दीपक मिशन स्कूल प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा को देखते हुए हॉस्टल में रह रहे बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है। तीन दिन पहले ही हाथियों के झुंड ने हॉस्टल में घुसकर दीवार तोड़ दी थी। साथ ही बगीचे को तहस-नहस करते हुए एक किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।
गांव में हालात बेहद खराब हैं। ग्रामीण अपने घर और खेत बचाने के लिए रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं। कोई घर की छानी में चारपाई डालकर सोने को मजबूर है, तो कोई हाथियों की आहट पर नजर रखने के लिए पूरी रात जाग रहा है। खेलन सिंह नाम के ग्रामीण ने तो डर के कारण अपनी खाट घर की छांहि के ऊपर चढ़ा दी है, ताकि हाथी आने पर वह ऊपर जाकर जान बचा सके।
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रविवार को हाथियों से सुरक्षा की मांग को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पसान थाने में बैठक कर गुहार लगाई है। पसान थाना प्रभारी ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की समझाइश दी है। उन्होंने कहा है कि हाथियों के करीब न जाएं और बच्चों को अकेले न छोड़ें।
वहीं वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के झुंड पर नजर रखे हुए है। ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने से रोका जा रहा है। आसपास के कई गांवों में मुनादी कराई गई है ताकि लोग सतर्क रहें। वन विभाग का कहना है कि जो किसानों की फसल और मकान का नुकसान हुआ है, उसका सर्वे कर उचित मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग निगरानी बढ़ाए और समय पर सुरक्षा व सूचना की व्यवस्था करे। सवाल यही है कि आखिर कब तक 52 हाथियों के खौफ में ग्रामीण अपनी रातें जागकर गुजारते रहेंगे।
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हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए तेलियामार के दीपक मिशन स्कूल प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा को देखते हुए हॉस्टल में रह रहे बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है। तीन दिन पहले ही हाथियों के झुंड ने हॉस्टल में घुसकर दीवार तोड़ दी थी। साथ ही बगीचे को तहस-नहस करते हुए एक किसान के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।
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गांव में हालात बेहद खराब हैं। ग्रामीण अपने घर और खेत बचाने के लिए रातभर जागकर पहरा दे रहे हैं। कोई घर की छानी में चारपाई डालकर सोने को मजबूर है, तो कोई हाथियों की आहट पर नजर रखने के लिए पूरी रात जाग रहा है। खेलन सिंह नाम के ग्रामीण ने तो डर के कारण अपनी खाट घर की छांहि के ऊपर चढ़ा दी है, ताकि हाथी आने पर वह ऊपर जाकर जान बचा सके।
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रविवार को हाथियों से सुरक्षा की मांग को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पसान थाने में बैठक कर गुहार लगाई है। पसान थाना प्रभारी ने प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने और हाथियों से दूरी बनाए रखने की समझाइश दी है। उन्होंने कहा है कि हाथियों के करीब न जाएं और बच्चों को अकेले न छोड़ें।
वहीं वन विभाग की टीम लगातार हाथियों के झुंड पर नजर रखे हुए है। ग्रामीणों को हाथियों के पास जाने से रोका जा रहा है। आसपास के कई गांवों में मुनादी कराई गई है ताकि लोग सतर्क रहें। वन विभाग का कहना है कि जो किसानों की फसल और मकान का नुकसान हुआ है, उसका सर्वे कर उचित मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग निगरानी बढ़ाए और समय पर सुरक्षा व सूचना की व्यवस्था करे। सवाल यही है कि आखिर कब तक 52 हाथियों के खौफ में ग्रामीण अपनी रातें जागकर गुजारते रहेंगे।

हाथियों का झुंड से दहशत,बच्चों का स्कूल हॉस्टल खाली,ग्रामीण छत पर सोने को मजबूर

हाथियों का झुंड से दहशत,बच्चों का स्कूल हॉस्टल खाली,ग्रामीण छत पर सोने को मजबूर

हाथियों का झुंड से दहशत,बच्चों का स्कूल हॉस्टल खाली,ग्रामीण छत पर सोने को मजबूर