{"_id":"68e906075cba717b970cde7d","slug":"kondagaon-water-resources-department-again-in-controversy-2025-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: जल संसाधन विभाग कोंडागांव फिर विवादों में, कार्यपालन अभियंता पर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: जल संसाधन विभाग कोंडागांव फिर विवादों में, कार्यपालन अभियंता पर शारीरिक उत्पीड़न का आरोप
Fri, 10 Oct 2025 06:41 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
Published by: विजय पुंडीर
Updated Fri, 10 Oct 2025 06:41 PM IST
विज्ञापन
जल संसाधन विभाग कोंडागांव फिर विवादों में
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जल संसाधन विभाग कोंडागांव एक बार फिर विवादों में घिर गया है। विभाग का विवादों से पुराना नाता रहा है, जहां बीते वर्षों में दो कार्यपालन अभियंता भ्रष्टाचार के मामलों में जेल जा चुके हैं। अब वर्तमान कार्यपालन अभियंता पर विभाग की ही एक कर्मचारी ने लैंगिक उत्पीड़न और छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है।
मामला सामने आने के बाद अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने भी इस प्रकरण में हस्तक्षेप किया है और कार्यपालन अभियंता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन की मांग थी कि अभियंता अपनी हरकत के लिए माफीनामा दें। वहीं अभियंता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी प्रकार की छेड़खानी या मानसिक प्रताड़ना नहीं की है।
आरोपी ने सफाई देते हुए कहा कि विभागीय कार्यों के अत्यधिक दबाव के कारण कर्मचारी द्वारा उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कलेक्टर कोंडागांव द्वारा कराई जा रही है और जो भी निर्णय होगा, वे उसे स्वीकार करेंगे।
विज्ञापन
विभाग में इस घटनाक्रम के बाद माहौल गरमाया हुआ है। कर्मचारियों में असंतोष देखा जा रहा है और एक बार फिर जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वर्षों से विवादों में घिरे इस विभाग की छवि अब एक बार फिर कटघरे में है।
विज्ञापन
मामला सामने आने के बाद अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने भी इस प्रकरण में हस्तक्षेप किया है और कार्यपालन अभियंता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन की मांग थी कि अभियंता अपनी हरकत के लिए माफीनामा दें। वहीं अभियंता ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी प्रकार की छेड़खानी या मानसिक प्रताड़ना नहीं की है।
विज्ञापन
आरोपी ने सफाई देते हुए कहा कि विभागीय कार्यों के अत्यधिक दबाव के कारण कर्मचारी द्वारा उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कलेक्टर कोंडागांव द्वारा कराई जा रही है और जो भी निर्णय होगा, वे उसे स्वीकार करेंगे।
विज्ञापन
विभाग में इस घटनाक्रम के बाद माहौल गरमाया हुआ है। कर्मचारियों में असंतोष देखा जा रहा है और एक बार फिर जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वर्षों से विवादों में घिरे इस विभाग की छवि अब एक बार फिर कटघरे में है।