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फर्जी नौकरी कांड: कांकेर कोर्ट में नौकरी के लिए पहुंचा युवक, हाथ में था ज्वाइनिंग लेटर; शक तो खुल गया राज
Sat, 23 Sep 2023 08:25 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर
अमर उजाला नेटवर्क, कांकेर
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 23 Sep 2023 08:25 PM IST
सार
एक शख्स बिलासपुर हाईकोर्ट का फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर न्यायालय में वाहन चालक की नौकरी लेने पहुंचा। पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र धोखाधड़ी मामले की जांच शुरू कर दी है।
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छत्तीसगढ़ पुलिस
- फोटो : social media
विस्तार
न्यायालय में वाहन चालक की नौकरी पाने के लिए एक युवक ने बिलासपुर हाईकोर्ट का फर्जी नियुक्ति पत्र (ज्वाइनिंग लेटर) बना डाला। उसमें रजिस्टार का फर्जी हस्ताक्षर भी कर लिया। उसे लेकर जब वह नौकरी मांगने के लिए गुरूवार को कांकेर न्यायालय पहुंचा तो अधिकारी को संदेह हुआ उसने हाईकोर्ट में संबधित अधिकारी से फोन पर जानकारी मांगी तब फर्जी नियुक्ति पत्र बनाने का मामला सामने आया। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई मामले दर्ज कर जांच में जूट गई है।
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, निर्मल कुमार प्रधान ने बताया कि वह जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर में प्रशासनिक अधिकारी के पद पदस्थ हैं। 21 सितम्बर को विनय नेताम पिता गोपाल नेताम निवासी खासपारा ग्राम पंचायत चनियागांव जिला कोण्डागांव ने कांकेर कार्यालय में उपस्थित होकर बिलासपुर हाईकोर्ट का ट्रांसफर लेटर पेश किया। जिसमें 8 सितम्बर का तारीख अंकित था। उक्त व्यक्ति से मौखिक पूछताछ करने पर बताया कि उच्च न्यायालय बिलासपुर से किसी रिजु नामक व्यक्ति ने उसे यह पत्र दिया और कहा कि जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर के कार्यालय में ले जाकर देना और स्टाफ कार चालक के पद पर कार्यभार ग्रहण करना।
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अधिकारी ने बताया कि फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर आया हुआ व्यक्ति आत्मविश्वास से भरा हुआ था। उसके बातों में थोड़ा सा भी भय दिखाई नहीं दे रहा था। नियुक्ति पत्र का अवलोकन करने पर उसमें बिलासपुर हाईकोर्ट के रजिस्टार का हस्ताक्षर अंकित था। जिसे देखने पर प्रतित हो रहा था कि उसमें फर्जी तरीके से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रयोग कर हस्ताक्षर किए हैं। व्यक्ति से नौकरी के संबध में पूछताछ करने पर बताया कि वह नियुक्ति पत्र लेकर साक्षात्कार के लिए पहुंचा है।
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नियुक्ति पत्र दिखाने के बाद वह कह रहा था कि वह साक्षात्कार के लिए आया हुआ है। अधिकारी को संदेह हुआ कि यह व्यक्ति बिलासपुर हाईकोर्ट का पत्र दिखाकर स्वयं को लाभ पहुंचाने के लिए यह फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया है। उक्त पत्र की सच्चाई जानने के लिए जब उन्होने बिलासपुर कार्यालय में फोन कर पत्र के संबध में जानकारी मांगी तो पता चला कि 8 सितम्बर को कोई भी नियुक्ति पत्र रजिस्टार के द्वारा जारी नहीं किया गया।आरोपी ने कांकेर न्यायालय में वाहन चालक की नौकरी पाने के लिए रजिस्टार का फर्जी हस्ताक्षर कर नियुक्ति पत्र पेश किया। जिसके खिलाफ पुलिस ने धाना 419,420,467,468,471 और 511 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।