फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Kabirdham: PG Degrees in 13 Subjects from a Single University, Name Entered in Golden Book; Dr. Ramesh Chandra

13 विषयों में पीजी, गणित का डर किया दूर: कबीरधाम के शिक्षक डॉ. रमेश चन्द्रवंशी के नवाचारों की देशभर में चर्चा

Sat, 05 Sep 2026 01:30 PM IST
कबीरधाम ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम Published by: कबीरधाम ब्यूरो Updated Sat, 05 Sep 2026 01:30 PM IST
सार

कबीरधाम के शासकीय हाई स्कूल छिरहा के प्राचार्य डॉ. रमेश चन्द्रवंशी ने 27 साल की शिक्षकीय सेवा में 13 विषयों में PG, दो राज्य स्तरीय सम्मान और कई शैक्षणिक नवाचारों से अलग पहचान बनाई है।

विज्ञापन
Kabirdham: PG Degrees in 13 Subjects from a Single University, Name Entered in Golden Book; Dr. Ramesh Chandra
शिक्षक डॉ रमेश चंद्रवंशी द्वारा शैक्षणिक गतिविधि कराई जाती है

विस्तार

कबीरधाम जिले के ग्रामीण अंचल के सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले गणित के व्याख्याता और शासकीय हाई स्कूल छिरहा के प्राचार्य डॉ. रमेश चन्द्रवंशी ने शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों और नवाचारों की ऐसी मिसाल कायम की है, जो दूसरे शिक्षकों के लिए प्रेरणा बन गई है। 27 साल से अधिक की शिक्षकीय सेवा में उन्होंने अकादमिक उपलब्धियों के साथ स्कूल में कई ऐसे प्रयोग किए, जिनका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिल रहा है।
विज्ञापन


डॉ. चन्द्रवंशी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक ही विश्वविद्यालय से 13 अलग-अलग विषयों में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल करना है। उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से गणित, शिक्षा, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, इतिहास, हिंदी साहित्य, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, भूगोल, दर्शनशास्त्र, प्राचीन भारतीय इतिहास, भाषाविज्ञान और अंग्रेजी में पीजी किया है। इस उपलब्धि के लिए उनका नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने का दावा किया गया है।
विज्ञापन


शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, दीर्घकालिक सेवा और अकादमिक उपलब्धियों के लिए डॉ. चन्द्रवंशी को वर्ष 2025 में शिक्षक दिवस पर राजभवन रायपुर में आयोजित समारोह में तत्कालीन राज्यपाल रामेन डेका के हाथों राज्य शिक्षक सम्मान और श्री गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वे छत्तीसगढ़ में राज्य स्तर के इन दोनों शिक्षक सम्मानों से एक साथ सम्मानित होने वाले पहले शिक्षक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों के बस्ते का वजन किया कम
छिरहा स्कूल में विद्यार्थियों को भारी स्कूल बैग से राहत देने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी की टेबल में सभी विषयों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे बच्चों को स्कूल आने-जाने के दौरान किताबों से भरा भारी बस्ता लेकर चलने की जरूरत नहीं पड़ती। विद्यार्थी स्कूल में सिर्फ एक कॉपी और पेन लेकर आते हैं।

गणित के डर को मेले से किया दूर
ग्रामीण बच्चों में गणित के प्रति डर कम करने के लिए स्कूल में गणित मेले का आयोजन किया गया। इसमें खेल-खेल में और टीएलएम के माध्यम से गणित के कठिन सिद्धांतों को आसान तरीके से समझाया गया। स्कूल प्रबंधन का दावा है कि छिरहा जिले का ऐसा गणित मेला आयोजित करने वाला पहला स्कूल बना।

11 साल से घर-घर पहुंच रहे शिक्षक
डॉ. चन्द्रवंशी का नवाचार स्कूल तक सीमित नहीं है। वर्ष 2015 से वे स्कूल के पोषक क्षेत्र के गांवों में जाकर पालकों से सीधे संवाद कर रहे हैं। छिरहा सहित आसपास के गांवों में घर-घर संपर्क कर बच्चों को नियमित स्कूल भेजने, ड्रॉपआउट रोकने और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।


वहीं, वर्ष 2015 से अब तक स्कूल में 18 वृहद पालक-शिक्षक बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। स्कूल के अनुसार, करीब 200 विद्यार्थियों में औसतन 100 से अधिक पालक बैठकों में शामिल होते हैं। सरकारी स्कूलों में पालकों की कम भागीदारी की धारणा को बदलने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed