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कबीरधाम में जाली नोटों का खेल उजागर: 3.75 लाख की उधारी चुकाने पहुंचे तो थमा दिए 4.50 लाख के जाली नोट; गिरफ्तार

Tue, 11 Aug 2026 03:45 PM IST
कबीरधाम ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम Published by: कबीरधाम ब्यूरो Updated Tue, 11 Aug 2026 03:45 PM IST
सार

कबीरधाम पुलिस ने जाली  नोट तैयार कर बाजार में खपाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। उधारी की रकम लौटाने के बहाने 4.50 लाख रुपए के जाली नोट देने का मामला सामने आने के बाद जांच में नकली करेंसी छापने का नेटवर्क उजागर हुआ।

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Kabirdham: Counterfeit currency network busted; the operation had been running from a rented room since July.
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कबीरधाम में उधार की रकम लौटाने के नाम पर जाली नोटों की खेप खपाने की कोशिश का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने ऐसे गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो किराए के कमरे में कलर प्रिंटर के जरिए जाली  नोट तैयार कर उन्हें बाजार में चलाने की तैयारी में थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल 12.50 लाख रुपए के जाली  नोट, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और टाटा पंच ईवी जब्त की है। मामले का खुलासा मंगलवार को कवर्धा स्थित एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने किया। प्रकरण बोड़ला थाना क्षेत्र की पोंडी पुलिस चौकी से जुड़ा है।
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पुलिस के मुताबिक ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव ने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3.75 लाख रुपए उधार दिए थे। रकम वापस करने को लेकर दोनों के बीच एग्रीमेंट भी हुआ था। जब दिनेश ने पैसे वापस मांगे तो घुरवा राम ने सतीश कुमार के माध्यम से रकम भेजने की बात कही। 9 अगस्त की रात दिनेश को पोंडी शराब भट्ठी के पास बुलाया गया। वह अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ वहां पहुंचा। कुछ देर बाद सतीश कुमार अपने एक साथी के साथ काले रंग का बैग लेकर पहुंचा।
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रकम देखने के बाद जब नोटों की जांच की गई तो दिनेश को संदेह हुआ। बैग में 500-500 रुपए के नोट थे, लेकिन जांच में पता चला कि रकम में 4.50 लाख रुपए के नोट जाली  थे। इसके बाद दिनेश ने 10 अगस्त को पोंडी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सतीश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस को जाली  नोट तैयार करने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उसकी निशानदेही पर तालपुर निवासी रामप्रसाद उर्फ रमऊ और कान्हाभैरा निवासी घुरवा राम को भी गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस के अनुसार आरोपी जुलाई 2026 से कवर्धा के नए बस स्टैंड के पास किराए के कमरे में जाली  नोट तैयार कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने कलर प्रिंटर का इस्तेमाल किया। जांच में सामने आया कि 13 जुलाई को रामप्रसाद और सतीश ने प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद रामप्रसाद ने कमरा किराए पर लिया, जहां घुरवा राम के साथ मिलकर जाली  नोट छापे जाने लगे। पुलिस ने आरोपियों के पास से अलग-अलग मात्रा में जाली  नोट बरामद किए हैं। सतीश कुमार के कब्जे से 2 लाख रुपए, रामप्रसाद उर्फ रमऊ से 4.50 लाख रुपए के जाली  नोट के साथ प्रिंटर, मोबाइल और टाटा पंच ईवी तथा घुरवा राम से 1.50 लाख रुपए के जाली नोट मिले।


इसके अलावा दिनेश कुमार यादव से ठगी के दौरान दिए गए 4.50 लाख रुपए के जाली  नोट भी पुलिस ने जब्त कर लिए। इस तरह कार्रवाई में कुल 12.50 लाख रुपए के जाली नोट पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जाली  नोट तैयार करने के बाद उन्हें असली मुद्रा की तरह बाजार में खपाने की योजना बना रहे थे। उधारी की रकम लौटाने के बहाने 4.50 लाख रुपए के जाली नोट देना इसी योजना का हिस्सा बताया जा रहा है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने जुलाई से अब तक कितनी जाली  करेंसी तैयार की, कितने नोट बाजार में चलाए और इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

 

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