{"_id":"61509c6f6e1df2698d315ad8","slug":"jashpur-minor-handicap-girl-harassment-video-came-of-girls-guessing-the-culprit-and-hostel-superintendent-does-not-know-sign-language","type":"story","status":"publish","title_hn":"छत्तीसगढ़: दिव्यांग केंद्र में मूक-बधिर नाबालिग से दरिंदगी का वीडियो सामने आया, हॉस्टल प्रभारी को नहीं आती साइन लैंग्वेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छत्तीसगढ़: दिव्यांग केंद्र में मूक-बधिर नाबालिग से दरिंदगी का वीडियो सामने आया, हॉस्टल प्रभारी को नहीं आती साइन लैंग्वेज
Sun, 26 Sep 2021 09:44 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 26 Sep 2021 09:44 PM IST
सार
जशपुर के एक दिव्यांग केंद्र में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना के बाद बच्चियों से इस बारे में पूछताछ करते हुए शिक्षकों का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में बच्चियां साइन लैंग्वेज में आरोपी के बारे में बता रही हैं। पढ़िए बच्चियों ने क्या कहा। वहीं, इस केंद्र के हॉस्टल का सुपरिटेंडेंट जिस शिक्षक को नियुक्त किया गया है उसे साइन लैंग्वेज नहीं आती है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छत्तीसगढ़ के जशपुर में स्थित एक दिव्यांग केंद्र में 22 सितंबर की रात एक मूक-बधिर नाबालिग से दुष्कर्म की घटना हुई थी। अब इस घटना के बाद का एक वीडियो सामने आया है। घटना के बाद वहां पहुंचे शिक्षकों द्वारा बनाए गए इस वीडियो में बच्चियों से साइन लैंग्वेज (मूक-बधिरों की भाषा) में सवाल-जवाब करते हुए देखा जा सकता है। वहीं, एक बिंदु सामने यह आया है कि जिस शिक्षक को हॉस्टल का सुपरिटेंडेंट बनाया गया है उसे साइन लैंग्वेज ही नहीं आती है।
विज्ञापन
साइन लैंग्वेज विशेषज्ञ के अनुसार वीडियो में बच्चियां एक दाढ़ी वाले आदमी का जिक्र कर रही हैं। शनिवार की रात वह खिड़कियों को धक्का दे-दे कर खोल रहा था। उस समय हम सब सो रहे थे। लाइट भी बंद थी। बच्चियों के अनुसार दाढ़ी वाला आदमी अंदर आया और उसने हमसे चिल्ला कर बाहर जाने के लिए कहा। वह अकेला था। डर से हम सब बाहर चले गए। बता दें कि इस मामले में चौकीदार नरेंद्र भगत और केयर टेकर राजेश राम आरोपी हैं।
विज्ञापन
हॉस्टल सुपरिटेंडेंट को नहीं आती साइन लैंग्वेज
इस दिव्यांग केंद्र में लापरवाही का आलम यह है कि जिस शिक्षक को यहां के हॉस्टल का प्रभारी बनाया गया है उसे साइन लैंग्वेज आती ही नहीं है। संजय राम के पास इस केंद्र के अलावा दो और स्कूलों का भी प्रभार है। संजय राम के अनुसार उन्होंने विभागीय अधिकारियों से पिछले दो साल में छह बार साइन लैंग्वेज न जानने के चलते हॉस्टल में न रह पाने और अतिरिक्त प्रभार होने की बात लिखित रूप में बताई थी। लेकिन इसके बाद भी उनसे ये जिम्मेदारी वापस नहीं ली गई।
विज्ञापन