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छत्तीसगढ़ में मनाया गया हरेली त्योहार, गेड़ी चढ़कर अतिथियों ने किया छत्तीसगढ़ी ओलंपिक का शुभारंभ
Mon, 17 Jul 2023 07:07 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
अमर उजाला डेस्क, बीजापुर/जगदलपुर/गरियाबंद
अमर उजाला डेस्क, बीजापुर/जगदलपुर/गरियाबंद
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 17 Jul 2023 07:07 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के पहले तिहार हरेली को धूमधाम से मनाया गया है। इस त्योहार के अवसर पर अलग-अलग जिलों में ओलंपिक का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अतिथियों में लोगों को संबोधित करते हुए बधाई दी। साथ ही ओलपंकि में गेड़ी चढ़कर छत्तीसगढ़ी ओलंपिक की शुरुआत की।
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गुल्ली-डंडा खेलते हुए अतिथि
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीजापुर। छत्तीसगढ़ के पहली त्योहार हरेली के उपलक्ष्य में सोमवार को बीजापुर स्थित मिनी स्टेडियम में छत्तीसगढ़िया ओलपिंक का शुभारंभ किया गया। क्षेत्रीय विधायक विक्रम शाह मंडावी, कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा सहित जनप्रतिनिधियों ने गिल्ली-डंडा खेलकर छत्तीसगढ़िया ओलपिंक का शुभारंभ किया। वहीं, हरेली तिहार की परंपरा के अनुसार गेडी चढ़कर अतिथियों ने सभी को हरेली तिहार की शुभकामनाएं दीं। जिला स्तरीय हरेली तिहार और रोका-छेका कार्यक्रम का जगदलपुर जनपद के ग्राम तुरेनार में स्थित गोठान व रीपा में भी आयोजन किया गया।
वितरण किए गए चार हजार पौधे
हरेली त्योहार के मौके पर पूरे प्रदेश में 1 लाख पौधों के वितरण कार्यक्रम के तहत वनमंडल बीजापुर ने चार हजार पौधे वितरण किये। प्रतीकात्मक रुप से मंच के माध्यम से विधायक विक्रम शाह मंडावी ने 5 लोगों को पौधे वितरण कर इसका शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल की मंशानुसार छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल को पुर्नजीवित करने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलपिंक का आयोजन किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम मिल रहा है।
ओलंपिक में शामिल हैं ये खेल
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी हजारों लोगों ने जोश और उमंग के साथ विभिन्न स्तरों पर खेल में भाग लिया। ओलंपिक में गिल्ली-डंडा, पिट्टूल, फुगड़ी, गेड़ी, रिलेरेस, संखली, बांटी, भौरा जैसे 16 प्रकार के खेल को सम्मिलित किया गया, जो हमारे प्राचीन और पारंपरिक खेल हैं। युवा मितान क्लब स्तर से शुरु होकर पंचायत, जोन, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर खेला जाएगा। विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की पहल पर स्थानीय बोली-भाषा, परंपरा त्योहार को पुर्नजीवित कर सहेजने का कार्य किया जा रहा। शासन के इस मुहिम में हम सबकी भागीदारी जरुरी है, ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को हमारी परंपरा से परिचित करा सकें।
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कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा ने दी बधाई
कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा ने छत्तीसगढ़ के प्रथम त्योहार हरेली की शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़िया ओलपिंक के शुभारंभ के अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है। पारंपरिक खेलों को आज विकसित देशो में पुर्नजीवित कर आज के टेक्नोलॉजी के दौर में भी पर्याप्त समय निकालकर बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ खेलते हैं, जिसे हम अकसर सोशल मीडिया के माध्यम से देख रहे हैं। छत्तीसगढ़िया ओलपिंक के माध्यम से नए-नए खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के अंदर छुपी हुई प्रतिभा और उनका खेल के प्रति रुचि सामने दिख रहा है। पिछले वर्ष राज्य स्तर पर जिले के खिलाड़ियों ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस बार फिर नए जोश और उमंग के साथ और भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
मिलेट्स कार्निवाल का किया गया प्रारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम ने गोठान में खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा-अर्चना कर पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई। इस अवसर पर क्रेडा के अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार, महापौर सफीरा साहू, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, कलेक्टर विजय दयाराम के., सीसीएफ मोहम्मद शाहीद, सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे ने भी पूजा-अर्चना कर पशुओं को औषधि खिलाई। इसके बाद सभी अतिथियों ने परिसर में पौधरोपण किया।
जगदलपुर में हरेली तिहार और रोका- छेका कार्यक्रम का आयोजन
जगदलपुर जिले के ग्राम तुरेनार में स्थित गोठान व रीपा में किया गया। आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बघेल ने प्रदेश के सबसे बड़े रीपा सेंटर में हरेली तिहार और छत्तीसगढ़िया ओलंपिक शुभारंभ के आयोजन पर प्रदेश की पहली तिहार की सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की हरेली तिहार को पर्व के रूप में मनाने की पहल पर लोक महत्व के छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता बढ़ गई है। साथ ही पारंपरिक खेलों को छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का स्वरूप देकर खेल की गतिविधियों को बढ़ाया है। वहीं, चित्रकोट विधायक बेंजाम ने कहा कि गांव की परंपरागत संस्कृति और खेल गतिविधियों को सरकार ने एक तिहार का स्वरूप दिया है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा दिखाकर जिला का नाम रोशन करें।
हरेली तिहारी से होती है त्योहारों की शुरुआत
महापौर सफीरा साहू ने कहा कि 'सरकार ने गांव की महिलाओं और युवाओं को रोजगार देने के लिए रीपा का संचालन किया। त्योहार की शुरुआत हरेली तिहार से होती है। इस परंपरा को सरकार ने मनाना प्रारंभ किया है, इसके लिए सभी को बधाई'। इंद्रावती बेसिन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के परंपरागत तीज-त्यौहार, बोली-भाषा, खान-पान, ग्रामीण खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
हरियाली से है हरेली का आशय
कलेक्टर विजय ने हरेली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली का आशय हरियाली ही है। हरेली पर्व आने तक खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। इस तिहार को सभी की सहभागिता के लिए शासन ने उत्सव का रूप दिया है। साथ ही खरीफ फसलों की रक्षा और पशुधन की सुरक्षा हेतु पशुओं को गौठानों में रखने के लिए रोका-छेका कार्यक्रम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष शुरू की गई। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को काफी लोकप्रियता मिली। इसको देखते हुए इस बार हरेली तिहार के दिन 16 विधाओं के खेल गतिविधियों में शुरू होने वाली छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023-24 का शुभारंभ किया गया, जो सितंबर के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा। इसमें प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।
अधिक से अधिक लोगों जोड़ने के लिए की गई ओलंपिक की शुरुआत
लोक संस्कृति के इस पर्व में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की भी शुरूआत की गई है। इसके लिए सभी अतिथियों ने गेड़ी चढ़कर पारंपरिक खेलों पर आधारित छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही सभी अतिथियों ने गिल्ली-डंडा और रस्सा-खींच में भी अपनी जोर आजमाइश की। परिसर में पशुधन विकास विभाग, कृषि विभाग और मिलेट्स पर आधारित खाद्य सामग्री की महिमा स्वसमूह की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया। इस कार्यक्रम में मिलेट्स के उत्पाद से बने खाद्य सामग्रियों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने मिलेट्स कार्निवाल का प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम में डीएमएफटी मद से गोठान समिति को कृषि यंत्र, किसानों को कृषि उपकरण और रागी बीज का वितरण किया गया।
गरियाबंद में लोगों ने खेला गिल्ली-डंडा
कलेक्टर आकाश छिकारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुसार पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी हरेली त्योहार के अवसर पर ओलंपिक का आयोजन की जा रही है। पिछले वर्ष छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में 14 खेल विधाएं जैसे गिल्ली-डंडा, संखली, कबड्डी, खो-खो आदि शामिल थे। इस वर्ष रस्सी कूद और कुश्ती को शामिल करते हुए कुल 16 खेल विधाओं में खेल प्रतियोगिता होंगी। सोमवार से शुरू हुई खेल प्रतियोगिताएं 6 चरणों में संपन्न होंगी। 25 से 27 सितंबर तक राज्य स्तर पर समापन होगा।
मवेशियों को खुले में न छोडें
उन्होंने समस्त पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि वे मवेशियों को खुले में न छोड़कर गौठानों में रखें, जिससे फसल सुरक्षा होगी। कार्यक्रम के दौरान नगरीय प्रशासन विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने वन विभाग द्वारा पौधा तुहंर दुआर कार्यक्रम के तहत नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत पौधों को घर-घर में लगाने के लिए पौधा वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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वितरण किए गए चार हजार पौधे
हरेली त्योहार के मौके पर पूरे प्रदेश में 1 लाख पौधों के वितरण कार्यक्रम के तहत वनमंडल बीजापुर ने चार हजार पौधे वितरण किये। प्रतीकात्मक रुप से मंच के माध्यम से विधायक विक्रम शाह मंडावी ने 5 लोगों को पौधे वितरण कर इसका शुभारंभ किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल की मंशानुसार छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेल को पुर्नजीवित करने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलपिंक का आयोजन किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम मिल रहा है।
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ओलंपिक में शामिल हैं ये खेल
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी हजारों लोगों ने जोश और उमंग के साथ विभिन्न स्तरों पर खेल में भाग लिया। ओलंपिक में गिल्ली-डंडा, पिट्टूल, फुगड़ी, गेड़ी, रिलेरेस, संखली, बांटी, भौरा जैसे 16 प्रकार के खेल को सम्मिलित किया गया, जो हमारे प्राचीन और पारंपरिक खेल हैं। युवा मितान क्लब स्तर से शुरु होकर पंचायत, जोन, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर खेला जाएगा। विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की पहल पर स्थानीय बोली-भाषा, परंपरा त्योहार को पुर्नजीवित कर सहेजने का कार्य किया जा रहा। शासन के इस मुहिम में हम सबकी भागीदारी जरुरी है, ताकि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को हमारी परंपरा से परिचित करा सकें।
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कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा ने दी बधाई
कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा ने छत्तीसगढ़ के प्रथम त्योहार हरेली की शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़िया ओलपिंक के शुभारंभ के अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा है। पारंपरिक खेलों को आज विकसित देशो में पुर्नजीवित कर आज के टेक्नोलॉजी के दौर में भी पर्याप्त समय निकालकर बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ खेलते हैं, जिसे हम अकसर सोशल मीडिया के माध्यम से देख रहे हैं। छत्तीसगढ़िया ओलपिंक के माध्यम से नए-नए खिलाड़ी उभर कर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के अंदर छुपी हुई प्रतिभा और उनका खेल के प्रति रुचि सामने दिख रहा है। पिछले वर्ष राज्य स्तर पर जिले के खिलाड़ियों ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस बार फिर नए जोश और उमंग के साथ और भी अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
मिलेट्स कार्निवाल का किया गया प्रारंभ
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम ने गोठान में खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि यंत्रों की पूजा-अर्चना कर पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए औषधियुक्त आटे की लोंदी खिलाई। इस अवसर पर क्रेडा के अध्यक्ष मिथलेश स्वर्णकार, महापौर सफीरा साहू, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, कलेक्टर विजय दयाराम के., सीसीएफ मोहम्मद शाहीद, सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे ने भी पूजा-अर्चना कर पशुओं को औषधि खिलाई। इसके बाद सभी अतिथियों ने परिसर में पौधरोपण किया।
जगदलपुर में हरेली तिहार और रोका- छेका कार्यक्रम का आयोजन
जगदलपुर जिले के ग्राम तुरेनार में स्थित गोठान व रीपा में किया गया। आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बघेल ने प्रदेश के सबसे बड़े रीपा सेंटर में हरेली तिहार और छत्तीसगढ़िया ओलंपिक शुभारंभ के आयोजन पर प्रदेश की पहली तिहार की सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की हरेली तिहार को पर्व के रूप में मनाने की पहल पर लोक महत्व के छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोक पर्वों की महत्ता बढ़ गई है। साथ ही पारंपरिक खेलों को छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का स्वरूप देकर खेल की गतिविधियों को बढ़ाया है। वहीं, चित्रकोट विधायक बेंजाम ने कहा कि गांव की परंपरागत संस्कृति और खेल गतिविधियों को सरकार ने एक तिहार का स्वरूप दिया है। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा दिखाकर जिला का नाम रोशन करें।
हरेली तिहारी से होती है त्योहारों की शुरुआत
महापौर सफीरा साहू ने कहा कि 'सरकार ने गांव की महिलाओं और युवाओं को रोजगार देने के लिए रीपा का संचालन किया। त्योहार की शुरुआत हरेली तिहार से होती है। इस परंपरा को सरकार ने मनाना प्रारंभ किया है, इसके लिए सभी को बधाई'। इंद्रावती बेसिन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के परंपरागत तीज-त्यौहार, बोली-भाषा, खान-पान, ग्रामीण खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
हरियाली से है हरेली का आशय
कलेक्टर विजय ने हरेली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली का आशय हरियाली ही है। हरेली पर्व आने तक खेती-किसानी का कार्य लगभग हो जाता है। इस तिहार को सभी की सहभागिता के लिए शासन ने उत्सव का रूप दिया है। साथ ही खरीफ फसलों की रक्षा और पशुधन की सुरक्षा हेतु पशुओं को गौठानों में रखने के लिए रोका-छेका कार्यक्रम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष शुरू की गई। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को काफी लोकप्रियता मिली। इसको देखते हुए इस बार हरेली तिहार के दिन 16 विधाओं के खेल गतिविधियों में शुरू होने वाली छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023-24 का शुभारंभ किया गया, जो सितंबर के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा। इसमें प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया गया है।
अधिक से अधिक लोगों जोड़ने के लिए की गई ओलंपिक की शुरुआत
लोक संस्कृति के इस पर्व में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की भी शुरूआत की गई है। इसके लिए सभी अतिथियों ने गेड़ी चढ़कर पारंपरिक खेलों पर आधारित छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही सभी अतिथियों ने गिल्ली-डंडा और रस्सा-खींच में भी अपनी जोर आजमाइश की। परिसर में पशुधन विकास विभाग, कृषि विभाग और मिलेट्स पर आधारित खाद्य सामग्री की महिमा स्वसमूह की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया गया। इस कार्यक्रम में मिलेट्स के उत्पाद से बने खाद्य सामग्रियों को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन ने मिलेट्स कार्निवाल का प्रारंभ किया गया। कार्यक्रम में डीएमएफटी मद से गोठान समिति को कृषि यंत्र, किसानों को कृषि उपकरण और रागी बीज का वितरण किया गया।
गरियाबंद में लोगों ने खेला गिल्ली-डंडा
कलेक्टर आकाश छिकारा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुसार पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी हरेली त्योहार के अवसर पर ओलंपिक का आयोजन की जा रही है। पिछले वर्ष छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में 14 खेल विधाएं जैसे गिल्ली-डंडा, संखली, कबड्डी, खो-खो आदि शामिल थे। इस वर्ष रस्सी कूद और कुश्ती को शामिल करते हुए कुल 16 खेल विधाओं में खेल प्रतियोगिता होंगी। सोमवार से शुरू हुई खेल प्रतियोगिताएं 6 चरणों में संपन्न होंगी। 25 से 27 सितंबर तक राज्य स्तर पर समापन होगा।
मवेशियों को खुले में न छोडें
उन्होंने समस्त पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि वे मवेशियों को खुले में न छोड़कर गौठानों में रखें, जिससे फसल सुरक्षा होगी। कार्यक्रम के दौरान नगरीय प्रशासन विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने वन विभाग द्वारा पौधा तुहंर दुआर कार्यक्रम के तहत नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत पौधों को घर-घर में लगाने के लिए पौधा वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।