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Sukma News: रात के अंधेरे में नवजात की रोने की आवाज सुनकर दौड़े ग्रामीण, बचाई जान, जांच में जुटी पुलिस
Fri, 13 Feb 2026 12:17 PM IST
जगदलपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: जगदलपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Feb 2026 12:17 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
सुकमा जिले के कोर्रा इलाके के जंगल में नवजात शिशु मिलने की घटना सामने आई है। यह घटना बीती रात करीब 11 बजे के बाद की बताई जा रही है, जबकि शुक्रवार को इस पूरे मामले की जानकारी सुकमा पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, रात के अंधेरे में कुछ ग्रामीण जंगल में गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें जंगल में एक सुनसान स्थान से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जाकर देखने पर वहां एक नवजात शिशु पड़ा मिला। आशंका जताई जा रही है कि कुछ ही समय पहले किसी अज्ञात महिला ने बच्चे को जंगल में छोड़ दिया था।
ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए मानवता का परिचय देते हुए नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला। देर रात जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम स्वयं नवजात बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों द्वारा बच्चे का उपचार किया गया। फिलहाल नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है।
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बस्तर में इस तरह की घटनाएं बहुत कम सामने आती हैं, लेकिन यह मामला चिंता का विषय बन गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर नवजात को छोड़ने वालों की तलाश शुरू कर दी है और हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों की सतर्कता, जनप्रतिनिधि की तत्परता और संवेदनशीलता के चलते एक मासूम की जान बच पाई, जिसने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की है।
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जानकारी के अनुसार, रात के अंधेरे में कुछ ग्रामीण जंगल में गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें जंगल में एक सुनसान स्थान से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज की दिशा में जाकर देखने पर वहां एक नवजात शिशु पड़ा मिला। आशंका जताई जा रही है कि कुछ ही समय पहले किसी अज्ञात महिला ने बच्चे को जंगल में छोड़ दिया था।
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ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए मानवता का परिचय देते हुए नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला। देर रात जिला पंचायत उपाध्यक्ष महेश कुंजाम स्वयं नवजात बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों द्वारा बच्चे का उपचार किया गया। फिलहाल नवजात की हालत स्थिर बताई जा रही है।
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बस्तर में इस तरह की घटनाएं बहुत कम सामने आती हैं, लेकिन यह मामला चिंता का विषय बन गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर नवजात को छोड़ने वालों की तलाश शुरू कर दी है और हर पहलू से जांच की जा रही है। ग्रामीणों की सतर्कता, जनप्रतिनिधि की तत्परता और संवेदनशीलता के चलते एक मासूम की जान बच पाई, जिसने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की है।