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इंद्रावती टाइगर रिजर्व में स्निफर डॉग की एंट्री: जंगल में शिकारियों के फंदे सूंघकर खोजेगा; शुरू हुई मॉक ड्रिल

Sun, 04 Oct 2026 12:12 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर Published by: हिमांशु सिंह बघेल Updated Sun, 04 Oct 2026 12:12 PM IST
सार

इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को शिकारियों के फंदों से बचाने के लिए पहली बार प्रशिक्षित स्निफर डॉग तैनात किया गया है। वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड के साथ एंटी-स्नेर वॉक और मॉक ड्रिल शुरू की है।

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Indravati Tiger Reserve Introduces Sniffer Dog Canines to Track Poachers Traps in Forests, Mock Drills Begin
इंद्रावती टाइगर रिजर्व - फोटो : Social Media

विस्तार

बस्तर के घने जंगलों में शिकारियों द्वारा वन्यजीवों को फंसाने के लिए बिछाए जाने वाले फंदों को निष्प्रभावी करने के उद्देश्य से इंद्रावती टाइगर रिजर्व में पहली बार एक प्रशिक्षित स्निफर डॉग तैनात किया गया है। वन विभाग ने इस डॉग स्क्वॉड की सहायता से एंटी-स्नेर वॉक और मॉक ड्रिल शुरू कर दी है। यह स्निफर डॉग न केवल छिपाए गए फंदों की खोज करता है, बल्कि गंध के सहारे संभावित संदिग्ध शिकारियों के ठिकानों तक पहुंचने का अभ्यास भी कर रहा है। वन अमला गश्त को मजबूत बनाने के लिए तकनीक और डॉग स्क्वॉड के बीच समन्वय स्थापित कर रहा है।

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दुर्गम क्षेत्रों में अभ्यास सत्र
वन अमला जंगल में एक निश्चित स्थान पर फंदा छिपाकर रखता है। इसके बाद स्निफर डॉग को फंदे की गंध सूंघाकर सुराग का पीछा करने के लिए छोड़ा जाता है। डॉग स्क्वॉड का दस्ता गंध के आधार पर आगे बढ़ते हुए संभावित संदिग्ध के स्थान तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को दोहराता है। इस तरह के नियमित अभ्यास से वन कर्मियों और डॉग स्क्वॉड के बीच तालमेल बेहतर हो रहा है।

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वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता
विशाल वन क्षेत्र, घनी झाड़ियों और दुर्गम परिस्थितियों के कारण सामान्य पैदल गश्त के दौरान हर एक फंदे को खोज पाना बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। शिकारी अक्सर फंदा लगाने के बाद तुरंत उस स्थान से चले जाते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित डॉग की सूंघने और पीछा करने की क्षमता वन अमले के काम को आसान बना रही है। ये फंदे बाघ, तेंदुए, हिरण और जंगली सूअर सहित कई अन्य वन्यजीवों की जान के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न करते हैं। फंदे में फंसकर बेजुबान जीव गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं या उनकी मृत्यु हो जाती है।

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पंचकूला से मिला विशेष प्रशिक्षण
इस अभियान में शामिल स्निफर डॉग हरियाणा के पंचकूला स्थित डॉग प्रशिक्षण केंद्र से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर इंद्रावती टाइगर रिजर्व पहुंचा है। डॉग के साथ उसके हैंडलर को भी गहन प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रशिक्षण के दौरान डॉग को फंदे की गंध पहचानने और उसके आधार पर सुराग जुटाने में पारंगत किया गया है। वहीं, हैंडलर को डॉग के शारीरिक संकेतों को समझने और वन कर्मियों के साथ मिलकर संयुक्त तलाशी अभियान चलाने की कला सिखाई गई है।

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