बस्तर गोंचा महापर्व: भगवान जगन्नाथ का विधि-विधान से हुआ नेत्रोत्सव, अर्पण किया गया विशेष भोग; कल रथ यात्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जगदलपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 19 Jun 2023 08:18 PM IST
सार
चंदन जात्रा पूजा विधान के बाद जगन्नाथ स्वामी के अस्वस्थता कालावधि अर्थात अनसर काल के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन वर्जित थे। भगवान के दर्शन से वर्जित होने से भगवान जगन्नाथ के सुदर्शन चक्र के रक्षा सूत्र से विलग होने जैसी व्याकुलता है। इसे दूर करने के लिए श्रीमंदिर के बाहर भक्तों-श्रद्धालुओं के नयनाभिराम के लिए भगवान का भक्तो-श्रधालुओं के पास आना, यह भगवान जगन्नाथ से आध्यात्मिक मिलन ही नेत्रोत्सव कहलाता है।
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भगवान जगन्नाथ का मनाया गया नेत्रोत्सव।
- फोटो : संवाद