फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   In view of El Nino, Union Agriculture Minister Chauhan took information about agriculture in Chhattisgarh

CG News: अल-नीनो के मद्देनजर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने ली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी की जानकारी

Tue, 23 Jun 2026 06:47 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Tue, 23 Jun 2026 06:47 PM IST
सार

अल-नीनो के प्रभाव से इस बार मानसून कमजोर रहने की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए तेजी से कदम उठाए हैं।

विज्ञापन
In view of El Nino, Union Agriculture Minister Chauhan took information about agriculture in Chhattisgarh
ल-नीनो के मद्देनजर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने ली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी की जानकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अल-नीनो के प्रभाव से इस बार मानसून कमजोर रहने की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। सूखे की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कम अवधि वाली फसलों, दलहन-तिलहन पर जोर, बीज सुरक्षा और फसल बीमा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक रणनीति तैयार की है। इस आशय की जानकारी कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दी। बैठक वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। 
विज्ञापन


वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मंत्री नेताम ने बताया कि प्रदेश में 22 जून तक औसत वर्षा महज 30.8 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से 58.3 मिलीमीटर कम है। खरीफ बोनी का लक्ष्य 48.69 लाख हेक्टेयर है, लेकिन अभी तक केवल 2 प्रतिशत क्षेत्र में ही बोनी हो पाई है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सरकार ने किसानों को संभावित घाटे से बचाने के लिए कई ठोस उपाय शुरू कर दिए हैं।
विज्ञापन


कृषि उत्पादन आयुक्त परदेशी ने बताया कि कृषि विभाग ने कम अवधि वाली धान के किस्मों को बढ़ावा देने के साथ-साथ मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, दलहनी और तिलहनी फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीजों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। उच्चहन भूमि में अनाज के साथ दलहन-तिलहन फसलों को अंतरवर्तीय फसल के रूप में लगाने की सलाह दी जा रही है। धान की जगह दलहन-तिलहन फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए करते हुए राज्य बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। सूखे प्रभावित 15 जिलों के लिए 1,22,095 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 48,449 क्विंटल किसानों तक पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के साथ नैनो उर्वरक और लाभकारी फसलों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने बीमा कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर फसल नुकसान की भरपाई के लिए बीमा प्लान को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए हैं। ताकि किसानों को  आर्थिक क्षति से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अल-नीनो के प्राभाव कम होने वाली दलहन-तिलहन और कम अवधि की फसलों पर फोकस किया जा रहा है। साथ ही इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर अनुसंधान विभाग द्वारा अल-नीनो को ध्यान में रखते हुए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed