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Raipur: IGKV के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजना की स्टीयरिंग समिति के सदस्य बने
Thu, 23 Jul 2026 05:16 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 23 Jul 2026 05:16 PM IST
सार
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गठित राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजना की स्टीयरिंग सह प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग समिति का सदस्य बनाया गया है।
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डॉ. गिरीश चंदेल राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजना की स्टीयरिंग समिति के सदस्य बने
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा गठित राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी पार्क योजना की स्टीयरिंग सह प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग समिति का सदस्य बनाया गया है।
यह समिति देश के विभिन्न राज्यों में प्रस्तावित जैव प्रौद्योगिकी पार्कों की स्थापना के लिए प्रस्तुत परियोजनाओं का परीक्षण करेगी, उन्हें स्वीकृति प्रदान करेगी तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की निगरानी भी करेगी।
भारत सरकार की यह योजना जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों, स्टार्टअप और अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इसके तहत राज्यों के सहयोग से नए बायोटेक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, ताकि इस क्षेत्र में नवाचार, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
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डॉ. गिरीश चंदेल को समिति में शामिल किए जाने को छत्तीसगढ़ के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उनके अनुभव का लाभ राष्ट्रीय स्तर पर जैव प्रौद्योगिकी परियोजनाओं के मूल्यांकन और प्रभावी क्रियान्वयन में मिलेगा।
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यह समिति देश के विभिन्न राज्यों में प्रस्तावित जैव प्रौद्योगिकी पार्कों की स्थापना के लिए प्रस्तुत परियोजनाओं का परीक्षण करेगी, उन्हें स्वीकृति प्रदान करेगी तथा परियोजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की निगरानी भी करेगी।
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भारत सरकार की यह योजना जैव प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों, स्टार्टअप और अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इसके तहत राज्यों के सहयोग से नए बायोटेक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, ताकि इस क्षेत्र में नवाचार, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
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डॉ. गिरीश चंदेल को समिति में शामिल किए जाने को छत्तीसगढ़ के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उनके अनुभव का लाभ राष्ट्रीय स्तर पर जैव प्रौद्योगिकी परियोजनाओं के मूल्यांकन और प्रभावी क्रियान्वयन में मिलेगा।