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CG: विभागीय प्रमोशन परीक्षा में गलत प्रश्न मामला, हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं पर एक साथ की सुनवाई
Thu, 10 Apr 2025 05:20 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 10 Apr 2025 05:20 PM IST
सार
अभ्यर्थियों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अलग-अलग याचिका दायर की। सभी याचिकाओं पर कोर्ट ने एक साथ सुनवाई कर फैसला सुनाया है।
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बिलासपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी की विभागीय प्रमोशन परीक्षा में गलत प्रश्न मामले में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कर्मचारियों को राहत दी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को बोनस नंबर देने व तीन महीने के भीतर जूनियर इंजीनियर के पद पर नियुक्ति करने के निर्देश कंपनी को दिए हैं।
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कंपनी ने जूनियर इंजीनियर के पद पर पदोन्नति देने के लिए विभागीय परीक्षा का आयोजन किया था। इसमें कुछ ऐसे सवाल पूछे, जो गलत थे। गलत सवालों के उत्तर न देने के कारण याचिकाकर्ताओं को पदोन्नति परीक्षा में फेल कर दिया गया। दिनेश कुमार चंद्रा व कुछ अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि परीक्षा के दौरान जो प्रश्नपत्र होल्डिंग कंपनी ने परीक्षा हाल में बांटे थे, उसमें 10 सवाल ऐसे थे जिनका उत्तर देने के लिए दिए गए ऑप्शन में गड़बड़ी थी।
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वैकल्पिक प्रश्न पूछने के बाद विकल्प के रूप में पांच सवाल दिए थे, लेकिन उत्तर लिखने के लिए पांच की जगह चार विकल्प छोड़े थे। परीक्षार्थियों को लगा कि विकल्प के लिए जो जगह तय की गई, वह गलत है। गलत आंसर लिखने पर माइनस मार्किंग का भी डर था। लिहाजा उसने और अन्य अभ्यर्थियों ने भी सवाल को गलत मानते हुए उत्तर नहीं दिया और सभी 10 सवालों को छोड़ दिया। कंपनी ने जब रिजल्ट जारी किया तब दिेनेश कुमार सहित कई को पदोन्नति के लिएअपात्र घोषित कर दिया।
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त्रुटिपूर्ण प्रश्नों के लिए बोनस अंक अथवा उक्त प्रश्नों को विलोपित मानते हुए पुनर्गणना की मांग करते हुए उप महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी रायपुर के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया। उप महाप्रबंधक ने अभ्यावेदन खारिज कर दिया। इस पर अभ्यर्थियों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से अलग-अलग याचिका दायर की। सभी याचिकाओं पर कोर्ट ने एकसाथ सुनवाई कर फैसला सुनाया है।