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Jashpur: कोरवा जनजाति बाहुल्य गांव जामपानी में लगा स्वास्थ्य शिविर, त्वचा संबंधी बीमारी की हुई जांच
Wed, 03 Jan 2024 10:08 AM IST
विजय पुंडीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जशपुर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 03 Jan 2024 10:08 AM IST
सार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जशपुर के फरसाबहार विकासखंड के कोरवा जनजाति बाहुल्य जामपानी गांव में स्वास्थ्य विभाग ने शिविर का आयोजन किया।
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कोरवा जनजाति बाहुल्य गांव जामपानी में लगा स्वास्थ्य शिविर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर जशपुर के फरसाबहार विकासखंड के कोरवा जनजाति बाहुल्य जामपानी गांव में स्वास्थ्य विभाग ने शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का आयोजन इस गांव के स्थानीय रहवासियों को त्वचा संबंधी बीमारी की सूचना सीएम निवास को मिलने पर की गई।
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दरअसल, सोमवार को कुछ समाज सेवक इस गांव में नए साल के मौके पर जरूरतमंदों को गर्म कपड़े बांटने के लिए आये थे। इस दौरान समाज सेवकों ने देखा कि इस गांव में त्वचा संबंधी बीमारी की फैली हुई है। समाज सेवकों ने सीएम निवास से इस जानकारी को साझा करते हुए आदिवासी कोरवा ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सहायता पहुंचाने का अनुरोध किया। कोरवा जनजाति भारत की आदिम जनजाति है जो विलुप्ति के कगार पर है। इस जनजाति को संविधान के तहत राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र का दर्जा देकर विशेष पिछड़ी आदिम जनजाति की श्रेणी में रखा गया है।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल जामपानी में स्वास्थ्य शिविर लगा कर, अभी आयु वर्ग के लोगों की जांच व उपचार करने का निर्देश दिया। मंगलवार को स्वास्थ्य अमले ने जामपानी में शिविर लगाया और लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। इसमें 8 ग्रामीण दाद और खुजली से पीड़ित मिले। इनमें 7 बच्चों की उम्र 0 से 10 साल के बीच थी। इन सभी पीड़ितों को आवश्यक दवा देने के साथ ही चिकित्सकों ने शरीर को साफ रखने की सलाह दी है।
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