फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   harassment allegation against principal secretary of chhattisgarh vidhan sabha

विधानसभा के प्रमुख सचिव पर लगा यौन शोषण का आरोप

Mon, 23 Nov 2015 06:24 PM IST
Updated Mon, 23 Nov 2015 06:24 PM IST
विज्ञापन
harassment allegation against principal secretary of chhattisgarh vidhan sabha

वहीं आरोपी प्रमुख सचिव देवेन्द्र वर्मा ने बताया कि वह बीते 29 अक्टूबर से पहले उस महिला से कभी नहीं मिले हैं। वह मेरी अनुपस्थिति में विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल से मिलने आई थी और उनके जन दर्शन कार्यक्रम के दौरान उसने अभद्रता भी की थी।

विज्ञापन


महिला ने विधानसभा अध्यक्ष को भी धमकी दी थी कि वह उनके बंगले के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ जाएगी या आत्महत्या कर लेगी अगर उसे नौकरी नहीं दी गई। महिला के इस अभद्र व्यवहार पर उसी दिन रायपुर के एसपी बीएन मीणा को शिकायती पत्र भेज दिया गया था।
विज्ञापन


वर्मा के अनुसार महिला किसी भी तरह से नौकरी के लिए पात्र नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसे कुछ लोगों द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए उकसाया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

नौकरी के बहाने यौन शोषण का आरोप

harassment allegation against principal secretary of chhattisgarh vidhan sabha

छत्तीसगढ़ से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहां विधानसभा के प्रमुख सचिव पर एक आदिवासी महिला ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। जिसके बाद महिला ने कोर्ट का रुख किया और आरोपी नौकरशाह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार शनिवार को महिला की शिकायत पर पुलिस ने एससी एसटी एक्ट के तहत आरोपी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

राज्य वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र पांडे के सहयोग के बाद पीड़िता ने विधानसभा के प्रमुख सचिव देवेन्द्र वर्मा के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। महिला ने आरोप लगाया कि वर्मा ने उन्हें अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसका यौन शोषण किया।

महिला के पति की चली गई थी नौकरी

harassment allegation against principal secretary of chhattisgarh vidhan sabha

महिला का पति बीमार रहता था इसलिए उसने नौकरी के लिए वर्मा से गुहार लगाई थी। उसका पति राजेश ध्रुवे ग्रेड 3 के तहत संविदा कर्मचारी था। साल 2012 में लकवा लगने के बाद से वह बिस्तर पर है।

महिला के अनुसार जब उसका इलाज चल रहा था तब विभाग ने अनुपस्थिति के आधार पर उसकी नौकरी समाप्त कर दी। विभाग ने इससे पहले उसे कोई नोटिस भी नहीं दिया। महिला के अनुसार इसी मामले में राहत के लिए वह देवेन्द्र वर्मा से मिली थी।

लेकिन वर्मा ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसका यौन शोषण किया। एसटी/एससी पुलिस थाने के इंचार्ज भोजराज बिसेन ने बताया कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, मामले की जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed