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Sai Cabinet Expansion: सतनामी समाज के गुरु खुशवंत साहेब बने मंत्री, लोगों में हर्ष की लहर, जगी विकास की उम्मीद
Wed, 20 Aug 2025 12:20 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 20 Aug 2025 12:20 PM IST
सार
Vishnudev Sai Cabinet Expansion: छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का बुधवार को विस्तार हुआ। आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल रामेन डेका ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। गुरु खुशवंत साहेब के मंत्री बनाने पर सतनामी समाज में खुशी का माहौल है।
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गुरु खुशवंत साहेब बने मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Vishnudev Sai Cabinet Expansion: छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल का बुधवार को विस्तार हुआ। आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल रामेन डेका ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। गुरु खुशवंत साहेब के मंत्री बनाने पर सतनामी समाज में खुशी का माहौल है। राजभवन के बाहर समर्थक और सतनामी समाज के लोग जमकर नारे लगा रहे हैं।
बीजेपी विधायक खुशवंत साहेब रायपुर जिले की आरंग विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव-2023 में पहली बार विधायक बने थे। वे बीजेपी की टिकट पर आरंग से पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरे। उन्होंने सीटिंग विधायक और कांग्रेस के सीनियर मंत्री शिवकुमार डहरिया को 16 हजार 538 वोटों से हराया था। विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले ही खुशवंत साहेब और उनके पिता गुरु बाल दास कांग्रेस से नाराज होकर इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए थे।
राजनीतिक सफर
37 साल की उम्र में पहली बार चुनाव लड़कर कांग्रेस के दिग्गज नेता और मंत्री मंत्री शिवकुमार डहरिया को चुनाव में पटखनी दी थी। खुशवंत साहेब का पूरा नाम गुरु खुशवंत दास साहेब गुरु गोसाई है। उनका जन्म 27 मार्च 1989 को हुआ था। वे सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास गुरु गोसाई के पुत्र हैं। विधानसभा चुनाव-2023 के दौरान उन्होंने बीजेपी में शामिल होकर तीन महीने बाद ही तत्कालीन मंत्री डहरिया को हराया था। इस चुनाव परिणाम से प्रदेश की जनता चौंक गई थी। 94 हजार 39 वोट से जीत हासिल की थी। जबकि कांग्रेस के मंत्री शिवकुमार डहरिया को 77 हजार 501 वोट ही मिले थे। इस तरह खुशवंत ने 16 हजार 538 वोटों से चुनावी मात दी थी।
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एमटेक किये हैं खुशवंत साहेब
खुशवंत साहेब ने वर्ष 2017 में रायपुर के मैट्स यूनिवर्सिटी आरंग से एमटेक किया है। राजनीतिक करियर शुरू करने से पहले वो कृषि और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े रहे। निर्वाचन आयोग को दिए हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग 2 करोड़ 8 लाख रुपए है। वे सतनामी समाज के गुरु हैं और इस समाज में उनकी अच्छी खासी पकड़ है। उन्हें राजनीतिक विरासत में पिता बालदास साहेब के राजनीतिक अनुभवों का लाभ भी मिला है। उन्होंने साल 2013 के चुनाव में बीजेपी के लिए कार्य किया था पर 2018 से पहले वो कांग्रेस ज्वॉइनिंग कर लिये थे। आरोप है कि भूपेश सरकार में उन्हें मंत्री बनने का ऑफर मिला था पर उपेक्षा की वजह से उन्होंने साल 2023 में बेटे खुशवंत समेत बीजेपी का दामन थाम लिया था। आरंग विधानसभा सीट में सतनामी समाज की बहुल आबादी है। यही वजह है कि खुशवंत साहेब को समाज का भरपूर समर्थन मिला। वहीं उनकी साफ-सुथरी छवि ने उन्हें चुनाव में बढ़त दिलाई।
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बीजेपी विधायक खुशवंत साहेब रायपुर जिले की आरंग विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव-2023 में पहली बार विधायक बने थे। वे बीजेपी की टिकट पर आरंग से पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरे। उन्होंने सीटिंग विधायक और कांग्रेस के सीनियर मंत्री शिवकुमार डहरिया को 16 हजार 538 वोटों से हराया था। विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले ही खुशवंत साहेब और उनके पिता गुरु बाल दास कांग्रेस से नाराज होकर इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हुए थे।
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राजनीतिक सफर
37 साल की उम्र में पहली बार चुनाव लड़कर कांग्रेस के दिग्गज नेता और मंत्री मंत्री शिवकुमार डहरिया को चुनाव में पटखनी दी थी। खुशवंत साहेब का पूरा नाम गुरु खुशवंत दास साहेब गुरु गोसाई है। उनका जन्म 27 मार्च 1989 को हुआ था। वे सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास गुरु गोसाई के पुत्र हैं। विधानसभा चुनाव-2023 के दौरान उन्होंने बीजेपी में शामिल होकर तीन महीने बाद ही तत्कालीन मंत्री डहरिया को हराया था। इस चुनाव परिणाम से प्रदेश की जनता चौंक गई थी। 94 हजार 39 वोट से जीत हासिल की थी। जबकि कांग्रेस के मंत्री शिवकुमार डहरिया को 77 हजार 501 वोट ही मिले थे। इस तरह खुशवंत ने 16 हजार 538 वोटों से चुनावी मात दी थी।
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एमटेक किये हैं खुशवंत साहेब
खुशवंत साहेब ने वर्ष 2017 में रायपुर के मैट्स यूनिवर्सिटी आरंग से एमटेक किया है। राजनीतिक करियर शुरू करने से पहले वो कृषि और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े रहे। निर्वाचन आयोग को दिए हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग 2 करोड़ 8 लाख रुपए है। वे सतनामी समाज के गुरु हैं और इस समाज में उनकी अच्छी खासी पकड़ है। उन्हें राजनीतिक विरासत में पिता बालदास साहेब के राजनीतिक अनुभवों का लाभ भी मिला है। उन्होंने साल 2013 के चुनाव में बीजेपी के लिए कार्य किया था पर 2018 से पहले वो कांग्रेस ज्वॉइनिंग कर लिये थे। आरोप है कि भूपेश सरकार में उन्हें मंत्री बनने का ऑफर मिला था पर उपेक्षा की वजह से उन्होंने साल 2023 में बेटे खुशवंत समेत बीजेपी का दामन थाम लिया था। आरंग विधानसभा सीट में सतनामी समाज की बहुल आबादी है। यही वजह है कि खुशवंत साहेब को समाज का भरपूर समर्थन मिला। वहीं उनकी साफ-सुथरी छवि ने उन्हें चुनाव में बढ़त दिलाई।