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Chhattisgarh News: निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार सख्त, फीस और किताबों की जांच के लिए बनी समितियां
Thu, 21 May 2026 04:09 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 21 May 2026 04:09 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर डाले जा रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में निगरानी और जांच समितियों के गठन का आदेश जारी किया है।
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निजी स्कूलों की मनमानी पर सरकार सख्त
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर डाले जा रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में निगरानी और जांच समितियों के गठन का आदेश जारी किया है। यह फैसला निजी स्कूलों में फीस वृद्धि, किताबों और यूनिफॉर्म की अनियमित बिक्री की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से जारी निर्देश में कहा गया है कि कई अशासकीय स्कूल पालकों को एक तय दुकान या फर्म से ही किताबें, गणवेश और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इससे अभिभावकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
इसी को देखते हुए सरकार ने जिला और विकासखंड स्तर पर अलग-अलग समितियां गठित की हैं। जिला स्तरीय समिति में कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त को शामिल किया गया है। वहीं विकासखंड स्तर पर एसडीएम, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और जीएसटी इंस्पेक्टर जांच की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने से जुड़ी शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम-2020 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि समितियां शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेंगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय, नवा रायपुर अटल नगर से जारी निर्देश में कहा गया है कि कई अशासकीय स्कूल पालकों को एक तय दुकान या फर्म से ही किताबें, गणवेश और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इससे अभिभावकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
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इसी को देखते हुए सरकार ने जिला और विकासखंड स्तर पर अलग-अलग समितियां गठित की हैं। जिला स्तरीय समिति में कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी और जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त को शामिल किया गया है। वहीं विकासखंड स्तर पर एसडीएम, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और जीएसटी इंस्पेक्टर जांच की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने से जुड़ी शिकायतों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम-2020 के तहत कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि समितियां शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेंगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।