फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Government should resolve the six thousand pending application for caste certificate in chhattisgarh

CG: जाति प्रमाण पत्र के पेंडिंग छह हजार आवेदन का निराकरण करें सरकार, सरलीकरण के बाद भी स्थिति ज्यों का त्यों

Tue, 19 Nov 2024 08:39 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Tue, 19 Nov 2024 08:39 PM IST
सार

रायपुर नगर निगम में जाति प्रमाण पत्र के पेंडिंग छह हजार आवेदनों के निराकरण के मांग की है। अधिवक्ता भगवानू नायक ने आवेदनों का निराकरण कर शीघ्र आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की मांग की है।

विज्ञापन
Government should resolve the six thousand pending application for caste certificate in chhattisgarh
अधिवक्ता भगवानू नायक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रायपुर नगर निगम में जाति प्रमाण पत्र के पेंडिंग छह हजार आवेदनों के निराकरण के मांग की है। अधिवक्ता भगवानू नायक ने आवेदनों का निराकरण कर शीघ्र आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र बनाने में आ रही परेशानियों के संबंध में पूर्ववर्ती सरकार ने सरलीकरण के संबंध में अनेक आदेश पारित किया था, लेकिन सरलीकरण के बाद भी अधिकारी जाति प्रमाण पत्र बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर नगर निगम में विभिन्न जोनो से लगभग छह हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन सरकार ने इसमें से एक प्रतिशत भी जाति प्रमाण पत्र नहीं बनाया है, जो इन वर्गों के साथ अन्याय और इनके संवैधानिक अधिकारों का हनन है। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि जब अनुसूचित जाति और जनजाति बाहुल्यता  को आधार मानकर शासन के द्वारा सीटों का निर्धारण किया जाता है, राजनीतिक आरक्षण घोषित किया जाता है, इन वर्गों के पास मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड, बिजली बिल, निवास प्रमाण पत्र, मकान का पट्टा, स्कूल प्रमाण पत्र इत्यादि होने के बाद भी  इन वर्गों को जाति प्रमाण पत्र देने में क्या समस्या है समझ से परे है ? उन्होंने कहा सरकार में बैठे ज़िम्मेदार अधिकारीगण जानबूझकर वर्षों से पीड़ित इन वांचितों को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं करना चाहते है, ये दबे कुचले, पिछड़े लोगों को समाज के मुख्यधारा आने नहीं देना चाहते है इसलिए सरलीकरण के बाद भी जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे है। 
विज्ञापन


अधिवक्ता नायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुए 24 वर्ष व्यतीत हो गए, चार मुख्यमंत्री बन गए, छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजनीतिक दल भाजपा ने 15 साल  और कांग्रेस 8 साल सत्ता में रही, लेकिन जाति प्रमाण पत्र की समस्या जस की तस है। उन्होंने कहा कि हजारों साल से समाज के मुख्यधारा से दूर, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े हुए लोगों को सामाजिक समानता का अधिकार दिलाने बाबा साहब आंबेडकर ने संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की है फिर भी संविधान की शपथ लेने वाले अधिकारीगण संविधान के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं। जबकि जाति प्रमाण पत्र के अभाव में इस वर्ग और समाज का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed