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CG: बिलासपुर जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का मामला, हाईकोर्ट में शासन ने कहा- सुधार में की जा रही तेजी

Fri, 26 Jul 2024 10:01 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर Published by: श्याम जी. Updated Fri, 26 Jul 2024 10:01 PM IST
सार

बिलासपुर जिला अस्पताल में रिएजेंट की सप्लाई और मशीनें चालू होने की जानकारी गलत पाई गई थी। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया था। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कहा गया कि व्यवस्था सुधारने की दिशा में तेजी से काम जारी है।  
 

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government presented its reply in High Court regarding irregularities in Bilaspur District Hospital
बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला अस्पताल बिलासपुर में रिएजेंट की सप्लाई और मशीनें चालू होने की जानकारी गलत पाई गई थी। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया था। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान शासन की ओर से कहा गया कि व्यवस्था सुधारने की दिशा में तेजी से काम जारी है। साथ ही सही जवाब और रिपोर्ट देने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। 

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मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। ध्यान रहे कि इस मामले में हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में खरीदी गई लाखों की मशीनें सिर्फ रखने के लिए नहीं होनी चाहिए। इससे जांच हो और नियमित समय पर रिपोर्ट मिले, इसकी व्यवस्था सरकार और स्वास्थ्य विभाग को करनी होगी।
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बता दें कि जिला अस्पताल में अव्यवस्था की बात सामने आई थी। हाईकोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया तो मालूम पड़ा कि जिला अस्पताल में थायराइड, खून-पेशाब जैसे जरूरी जांच भी नहीं हो पा रही हैं। इसके चलते मरीजों को प्राइवेट लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। इन अव्यवस्थाओं पर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई थी और दो कोर्ट कमिश्नर नियुक्त करते हुए भेजा था। कोर्ट कमिश्नरों ने हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है।
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इसमें बताया गया है कि कुल आठ मशीनों में से चार बंद हैं तो चार से जांच हो रही है। कोर्ट ने लैब में स्थापित मशीनों का नाम एवं वर्ष, पिछले दो वर्षों में रिजेन्ट कब-कब प्राप्त हुआ, कुल जांच की संख्या और किन-किन मशीनों का रिजेन्ट समाप्त हो चुका है, उसका मांग पत्र कब भेजा गया है अथवा नहीं एवं रिजेन्ट की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति पर जवाब मांगा था। गौरतलब है कि जिला अस्पताल के मातृ एवं शिशु अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज आते हैं। तीन महीने में 4,263 मरीज निजी लैब जा चुके हैं।

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