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ठगी की अनोखी कहानी: बेटी को अपने जैसे बनाना चाहता था बाप, सपना भी टूटा और 15 लाख रुपये भी गवाएं
Sat, 29 Apr 2023 04:48 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Sat, 29 Apr 2023 04:48 PM IST
सार
डॉक्टर थदलानी का आरोप है कि बेटी का एडमिशन नहीं होने पर उन्होंने कई बार आरोपी अजय पांडेय से रकम वापस मांगी, लेकिन उसने लौटाई ही नहीं। काफी प्रयास के बाद भी जब रकम नहीं मिली तो उन्होंने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : amar ujala
विस्तार
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में बेटी को अपने जैसे बनाने की चाहत एक पिता पर भारी पड़ गई। इसके चलते पिता का सपना टूटा और 15 लाख रुपये भी गवांने पड़े। डॉक्टर पिता की बेटी को एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ है। शातिरों ने डॉक्टर को एडमिशन का झांसा दिया, लेकिन चार साल में न बेटी को सीट दिला पाए और न अब रकम लौटा रहे हैं। परेशान होकर डॉक्टर ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। मामला पेंड्रा थाना क्षेत्र का है।
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जानकारी के मुताबिक, वार्ड 12 विद्यानगर निवासी डॉ. सुरेश कुमार थदलानी पेंड्रा में ही प्राइवेट अस्पताल का संचालन करते हैं। उनकी बेटी ने साल 2019 में एमबीबीएस में प्रवेश के लिए NEET दिया था। इस दौरान पेंड्रा के हर्ष मिश्रा और धमतरी के संकेत सिंह चौहान के माध्यम से उनकी पहचान भिलाई के स्मृति नगर निवासी अजय पांडेय से हुई। अजय पांडेय की भिलाई के पुष्पक नगर में एजुकेशन हब के नाम से संस्था है। आरोप है कि अजय पांडेय ने उनकी बेटी को एमबीबीएस में एडमिशन दिलाने की बात कही।
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डॉक्टर थदलानी ने पुलिस को बताया कि अजय पांडेय ने कहा कि एडमिशन के लिए 15 लाख रुपये लगेंगे। इस पर उन्होंने अगस्त 2019 में हर्ष मिश्रा और संकेत चौहान के सामने उसे पांच लाख रुपये नगद दे दिए। इसके बाद सितंबर 2019 में दो लाख और अक्तूबर 2019 में आठ लाख रुपये दिए। तीन किस्तों में सारी नगद ही दी गई। इसके बाद भी उनकी बेटी का एडमिशन नहीं हुआ। इस पर उन्होंने अजय पांडेय से बात की तो उन्हें सीट खाली नहीं होने की बात बताई गई। समय बीतता गया, पर एडमिशन नहीं मिला।
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