{"_id":"69377f09a2665ff1220fca2a","slug":"a-mother-and-her-baby-died-at-the-gaurela-pendra-marwahi-district-hospital-2025-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"गौरेला पेंड्रा मरवाही: जच्चा-बच्चा की मौत से हड़कंप, गुस्साए परिजनों ने जिला अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गौरेला पेंड्रा मरवाही: जच्चा-बच्चा की मौत से हड़कंप, गुस्साए परिजनों ने जिला अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप
Tue, 09 Dec 2025 07:14 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 09 Dec 2025 07:14 AM IST
सार
मृतका के पति शंकर यादव ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उपचार के दौरान दवा और अन्य खर्चों के नाम पर पैसा मांगा गया। इतना ही नहीं, नर्स को 4,000 रुपये देने के बावजूद इलाज में लापरवाही बरती गई।
विज्ञापन
जच्चा-बच्चा की मौत से हड़कंप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गौरेला विकासखंड के जोगीसार गांव के तरैयापारा में प्रसूता अनिता बाई (30) और उसके नवजात की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने देरी को मुख्य कारण बताया है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, अनिता बाई चौथी बार गर्भवती थी और उसकी प्रसव पूर्व देखभाल गांव की मितानिन की निगरानी में हो रही थी। 29 नवंबर को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर सुबह 10 बजे एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल लाया गया। परिवार का आरोप है कि सुबह से शाम तक न तो ऑपरेशन किया गया और न ही उचित इलाज मिला, जिस वजह से प्रसूता की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। देर शाम स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बिलासपुर स्थित सिम्स रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही अनिता और उसके नवजात की मौत हो गई।
विज्ञापन
मृतका के पति शंकर यादव ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उपचार के दौरान दवा और अन्य खर्चों के नाम पर पैसा मांगा गया। इतना ही नहीं, नर्स को 4,000 रुपये देने के बावजूद इलाज में लापरवाही बरती गई। गांव की मितानिन क्रांति पैकरा ने भी अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रसूता को भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन पूरे दिन उचित देखभाल और समय पर हस्तक्षेप नहीं किया गया।
विज्ञापन
इधर जिला स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि प्रसूता को तीन दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजनों ने उसे भर्ती नहीं कराया। अधिकारी ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने पूरा प्रयास किया, पर हालत गंभीर होने पर रेफर करना पड़ा।