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CG News: छत्तीसगढ़ के पूर्व वरिष्ठ आईएएस बीकेएस रे का निधन, सार्वजनिक जीवन में रही विशिष्ट पहचान
Wed, 03 Jun 2026 02:50 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Wed, 03 Jun 2026 02:50 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाने वाले सेवानिवृत्त आईएएस बीकेएस रे का निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और रायपुर स्थित अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था।
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छत्तीसगढ़ के पूर्व वरिष्ठ आईएएस बीकेएस रे का निधन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में गिने जाने वाले सेवानिवृत्त आईएएस बीकेएस रे का निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे और रायपुर स्थित अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
बीकेएस रे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1972 बैच के अधिकारी थे। उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां निभाईं और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया। राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित करने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अपने कार्यकाल में उन्होंने गृह, परिवहन और नागरिक उड्डयन जैसे अहम विभागों का नेतृत्व किया। इसके अलावा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक के रूप में भी उन्होंने अधिकारियों के प्रशिक्षण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। माध्यमिक शिक्षा मंडल और व्यावसायिक परीक्षा मंडल जैसे संस्थानों में भी उन्होंने शीर्ष पदों पर रहते हुए जिम्मेदारियां संभालीं।
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प्रशासनिक सेवाओं से सेवानिवृत्त होने के बाद भी बीकेएस रे सार्वजनिक जीवन से जुड़े रहे। सुशासन, शिक्षा, नीति निर्माण और प्रशासनिक सुधार जैसे विषयों पर उनकी सक्रिय भागीदारी बनी रही। वे लेखन और बौद्धिक विमर्श के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन देते रहे। विभिन्न विषयों पर लिखी गई उनकी पुस्तकें और लेख प्रशासनिक क्षेत्र में रुचि रखने वालों के लिए प्रेरणास्रोत माने जाते हैं।
सहकर्मियों और अधिकारियों के अनुसार, बीकेएस रे केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं बल्कि दूरदर्शी चिंतक भी थे। उन्होंने संस्थागत विकास, प्रशासनिक सुधार और क्षमता निर्माण जैसे विषयों को हमेशा प्राथमिकता दी। यही कारण है कि प्रशासनिक जगत में उन्हें सम्मान और आदर की दृष्टि से देखा जाता था।
उनके निधन पर कई वर्तमान और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों तथा सामाजिक संगठनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी ने उन्हें एक प्रतिबद्ध अधिकारी, विद्वान व्यक्तित्व और उत्कृष्ट संस्थान निर्माता के रूप में याद किया।
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बीकेएस रे भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1972 बैच के अधिकारी थे। उन्होंने अपने लंबे सेवाकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां निभाईं और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया। राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित करने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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अपने कार्यकाल में उन्होंने गृह, परिवहन और नागरिक उड्डयन जैसे अहम विभागों का नेतृत्व किया। इसके अलावा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक के रूप में भी उन्होंने अधिकारियों के प्रशिक्षण और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। माध्यमिक शिक्षा मंडल और व्यावसायिक परीक्षा मंडल जैसे संस्थानों में भी उन्होंने शीर्ष पदों पर रहते हुए जिम्मेदारियां संभालीं।
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प्रशासनिक सेवाओं से सेवानिवृत्त होने के बाद भी बीकेएस रे सार्वजनिक जीवन से जुड़े रहे। सुशासन, शिक्षा, नीति निर्माण और प्रशासनिक सुधार जैसे विषयों पर उनकी सक्रिय भागीदारी बनी रही। वे लेखन और बौद्धिक विमर्श के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन देते रहे। विभिन्न विषयों पर लिखी गई उनकी पुस्तकें और लेख प्रशासनिक क्षेत्र में रुचि रखने वालों के लिए प्रेरणास्रोत माने जाते हैं।
सहकर्मियों और अधिकारियों के अनुसार, बीकेएस रे केवल एक कुशल प्रशासक ही नहीं बल्कि दूरदर्शी चिंतक भी थे। उन्होंने संस्थागत विकास, प्रशासनिक सुधार और क्षमता निर्माण जैसे विषयों को हमेशा प्राथमिकता दी। यही कारण है कि प्रशासनिक जगत में उन्हें सम्मान और आदर की दृष्टि से देखा जाता था।
उनके निधन पर कई वर्तमान और पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों तथा सामाजिक संगठनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी ने उन्हें एक प्रतिबद्ध अधिकारी, विद्वान व्यक्तित्व और उत्कृष्ट संस्थान निर्माता के रूप में याद किया।