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CG: पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और उनके भतीजे आदित्येश्वर ने किया अंगदान, बोले- समाज के प्रति जवाबदेही है

Thu, 29 Aug 2024 06:25 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर Published by: श्याम जी. Updated Thu, 29 Aug 2024 06:25 PM IST
सार

पूर्व उपमख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और उनके भतीजे जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने अंगदान किया है। इसका प्रमाण पत्र उन्हें प्राप्त हुआ है।
 

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Former Deputy Chief Minister TS Singhdev and his nephew Adityaeshwar donated their organs
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और उनके भतीजे आदित्येश्वर ने किया अंगदान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और उनके भतीजे जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव ने गुरुवार को सामाजिक दायित्व को ध्यान रखते हुए अंगदान किया है। रेडक्रॉंस सोसाइटी के आजीवन सदस्य आर्यन सिन्हा के माध्यम से उन्होंने अपना अंगदान किया है। इसका प्रमाण पत्र उन्हें प्राप्त हुआ है।

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अंगदान को लेकर अपना मकसद समझाते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अंगदान समाज के प्रति आवश्यक जवाबदेही है। भारत में अंतिम संस्कार एवं अन्य परंपरओं के कारण समाज में अंगदान के प्रति एक हिचक है। लेकिन मृत्यु के बाद यदि शरीर के अंग किसी जरुरतमंद के लिये उपलब्ध हो तो यह एक बड़ा कार्य है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए छत्तीसगढ में अंगदान एवं उनकी उपलब्धता से संबंधित संस्थाएं रोटा और सोटा मौजूद नहीं थी। इससे छत्तीसगढ़ में लिवर, किडनी जैसे अंगों के जरुरतमंद मरीजों के लिये बड़ी समस्यायें थी। अपने कार्यकाल में उन्होंने न केवल इन संस्थाओं को छत्तीसगढ़ में सक्रिय किया। साथ ही साथ छत्तीसगढ़ में टिश्यू बैंक की भी स्थापना की।
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अंगदान के अन्तर्गत किसी व्यक्ति का ब्रेन डेड हो जाने पर मेडिकल बोर्ड द्वारा ऐसा प्रमाणित किये जाने पर उस व्यक्ति का लिवर, किडनी, हृदय, फेफड़ा, अंतडियां, पैनक्रियाज आदि को विशेष सर्जरी दल के द्वारा सर्जरी कर प्राप्त किया जाता है। इसके अतिरिक्त हड्डियों, आंखों के कॉर्निया, हृदय वेसल्स, रक्त वेसल्स आदि ऊतकों को प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि ब्रेन डेड के अतिरिक्त अन्य सामान्य मृत्यु की स्थिति में मृत्यु के छह घंटे के भीतर आंखों के कॉर्निया और विभिन्न ऊतकों को ही प्राप्त किया जा सकता है। अंगदान के महत्व को इस बात से समझा जा सकता है कि एक आंख की कॉर्निया ऊतक से दो लोगों को नेत्र ज्योति प्राप्त हो सकती है। 
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5000 लोगों से अंगदान प्रतिज्ञा प्राप्त कर चुके हैं आर्यन
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव एवं आदित्येश्वर शरण सिंहदेव का अंगदान प्रतिज्ञा प्राप्त करने वाले आर्यन सिन्हा अब तक 5000 लोगों से अंगदान की प्रतिज्ञा प्राप्त कर चुके हैं। रेडक्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य आर्यन सिन्हा विगत तीन वर्ष से रक्तदान महादान-अंगदान महादान कार्यक्रम चला रहे हैं। इस क्षेत्र में कार्य करने के मामले में वे पूरे देश में वे सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। अब तक उनसे प्रतिज्ञा प्राप्त 10 व्यक्तियों अंगदान भी प्राप्त हो चुके हैं। इस माह ही अंगदान के उपर राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित कांक्लेव में उन्होंने छत्तीसगढ का प्रतिनिधित्व भी किया था।

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