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Balrampur: मछली पकड़ने गए अधेड़ को 32 हाथियों ने घेरकर मारा, दो युवकों ने भागकर बचाई जान

Tue, 25 Oct 2022 04:13 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलरामपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलरामपुर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Tue, 25 Oct 2022 04:13 PM IST
सार

बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले प्रतापपुर के जंगलों की ओर से राजपुर क्षेत्र के गोपालपुर के जंगल में 32 हाथियों का दल पहुंचा है। इसके बाद से अलखडीहा के जंगल में डटा हुआ है। वन विभाग ने गांवों में मुनादी कराते हुए लोगों को सतर्क कर दिया है और जंगल में न जाने की हिदायत दी है। 

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elephants killed middle-aged man who went fishing in chhattisgarh balrampur
बलरामपुर में हाथियों के हमले में मारे गए अधेड़ का शव सुबह वन विभाग की टीम ने बरामद किया। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में सोमवार रात मछली पकड़ने के लिए गए युवकों पर हाथियों ने हमला कर दिया। युवकों को 32 हाथियों के एक दल ने घेर लिया। इस दौरान हमले में एक युवक की मौत हो गई। जबकि दो युवक किसी तरह वहां से जान बचाकर भाग सके। अगले दिन मंगलवार सुबह ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नदी से ग्रामीण का शव बरामद किया। इसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हादासा राजपुर वन परिक्षेत्र में हुआ है। 
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साथ गए ग्रामीण मौके से भाग निकले
जानकारी के मुताबिक, ग्राम कर्रा के गगोलीपारा निवासी विसना राम (50) सोमवार देर शाम आने दो साथियों के साथ करवां में ढोढीपारा के जंगल में महान नदी से मछली पकड़ने के लिए गया था। नदी में कांटा डालने के बाद सभी किनारे आग जलाकर ताप रहे थे। तभी हाथियों की आहट लगने पर दो ग्रामीण मौके से भाग निकले। बताया जा रहा है कि विसना राम वहीं पेड़ के पीछे छिप गया। तब तक हाथियों का दल नदी किनारे पहुंचा और उसने आसपास के इलाके को घेर लिया। 
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अगले दिन सुबह नदी से मिला अधेड़ का शव
इतने हाथियों को देख विसना को वहां से निकलने का मौका ही नहीं मिला। हाथियों ने उसे घेर लिया और सूंढ़ से पटक-पटक कर उसकी जान ले ली। हाथियों का दल काफी देर तक मौके पर डटा रहा। बाद में हाथी पास के अलखडीहा जंगल में चले गए। इसके बाद विसना कोरवा के साथ मछली पकड़ने गए ग्रामीणों ने गांव में पहुंचकर घटना की जानकारी दी। अगले दिन सुबह वन विभाग को ग्रामीणोंने घटना की जानकारी दी। इस पर टीम सुबह पहुंची और नदी में फंसे शव को बाहर निकाला। 
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दिवाली मनाने रिश्तेदार के घर आया था अधेड़
बताया जा रहा है कि हाथियों के हमले में मारा गया ग्रामीण आदिवासी विसना दिवाली मनाने के लिए अपने भतीजे पुरुषोत्तम कोरवा के घर आया था। देर शाम दिवाली मनाने के बाद वह मछली पकड़ने के लिए चला गया। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले प्रतापपुर के जंगलों की ओर से राजपुर क्षेत्र के गोपालपुर के जंगल में 32 हाथियों का दल पहुंचा है। इसके बाद से अलखडीहा के जंगल में डटा हुआ है। 

वन विभाग की ओर से कराई जा रही मुनादी
32 हाथियों का दल प्रतापपुर क्षेत्र से लौटा है। यह वही हाथियों का दल है, जिसमें एक मादा हथिनी की मौत आपसी संघर्ष में हो गई थी। उसका शव तालाब में मिला था। राजपुर एसडीओ फारेस्ट रविशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि हाथियों का दल अलखडीहा के जंगल में डटा हुआ है, इसे देखते हुए वन अमले ने करवां, कुंदी, मुरता, ठरकी, जिगड़ी, बासेन सहित आसपास के गांवों में मुनादी कराते हुए लोगों को सतर्क कर दिया है और जंगल में न जाने की हिदायत दी है। हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं।
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